क्राइम

पत्रकारों की हत्या का मुद्दा: जानिए पिछले 5 सालों में कितने पत्रकार मारे गए और किन देशों में मारे गए

Janprahar Desk
23 July 2020 4:29 PM GMT
पत्रकारों की हत्या का मुद्दा: जानिए पिछले 5 सालों में कितने पत्रकार मारे गए और किन देशों में मारे गए
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गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या का मामला बहुत ही गंभीर है, पत्रकार विक्रम जोशी की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई।  और इसी मामले को ध्यान में रखकर एक रिपोर्ट तैयार की गई ।

पत्रकारों की हत्या, पूरी पत्रकारिता की हत्या है। फिर भी भारत देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पत्रकारों की हत्या का मुद्दा नया नहीं है ।लगभग पिछले 23 साल में पूरी दुनिया में 1928 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है और यही आंकड़ा सिर्फ भारत में देखा जाए तो 74 पत्रकारों की हत्या पिछले 23 साल में हुई है। सबसे ज्यादा पत्रकार लैटिन अमेरिका में हर महीने मार दिए जाते हैं, वहां हर महीने 12 पत्रकार मार दिए जाते हैं।

गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या का मामला बहुत ही गंभीर है, पत्रकार विक्रम जोशी की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई।  और इसी मामले को ध्यान में रखकर एक रिपोर्ट तैयार की गई। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 में 248 पत्रकारों को कैद किया गया और वर्ष 2020 में 64 पत्रकार ऐसे हैं जो लापता है।

पत्रकार विक्रम जोशी को गाजियाबाद में, सोमवार को बदमाशों ने गोली मार दी थी ।जिसके बाद उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के मुताबिक विक्रम के साथ उस समय उनकी बेटियां भी मौजूद थी। विक्रम ने कुछ बदमाशों के खिलाफ पुलिस में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को अरेस्ट किया है।

आईपीआई के मुताबिक, 1997 से लेकर 2020 के बीच इन 23 साल में 1928 पत्रकारों की हत्या हुई है। इसमें भारत में 1997 से 2020 के बीच कुल 74 पत्रकारों की हत्या हुई है। वहीं, भारत में 2014 से 2020 के बीच 27 पत्रकार मारे गए। जबकि 2009 से 2013 के बीच 22 पत्रकारों की हत्या हुई है। हालांकि, 2019 में भारत में किसी पत्रकार की हत्या की बात नहीं है रिपोर्ट में। 

पत्रकारों की हत्या का मामला सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में ही चलता आ रहा है ।कुछ देश ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा पत्रकार मारे गए हैं। उन देशों में सबसे पहला नाम अफगानिस्तान का है, जहां इस वर्ष 13 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है। इसके बाद मेक्सिको में 13, भारत में 7, अमेरिका में 6, सीरिया में 5, और पाकिस्तान में 4 पत्रकार मारे जा चुके हैं।

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