फ्रांस में शूरी हुई 59 हजार करोड़ के राफेल सौदे की जांच, भारत में कांग्रेस-BJP में मचा सियासी घमासान

 
Rahul gandhi on rafel

59 हजार करोड़ के राफेल जेट सौदे को लेकर अब फ्रांस में न्यायिक जांच होगी। फ्रांस सरकार ने भारत के साथ हुए राफेल डील सौदों में भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए एक जज की नियुक्ति भी कर दी है। फ्रांसीसी मीडिया जर्नल मीडियापार्ट ने अप्रैल 2021 में राफेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कई रिपोर्ट प्रकाशित की  थी। जिसके बाद से फ्रांस की सरकार ने इसपर जांच बैठा दी है।

ज्ञात हो कि भारत सरकार ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल विमानों की खरीद का सौदा किया था। जिसमें से 24 विमान भारत को मिल चुके है।  कांग्रेस इस सौदे में में भारी करप्शन का आरोप लगा रही है और कह रही है कि सरकार 1670 करोड़ रुपये प्रति विमान की दर से राफेल खरीद रही है जबकि यूपीए के समय इस सौदे पर बातचीत के दौरान इस विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये प्रति राफेल तय हुई थी। 

लगातार हमलावर कांग्रेस ने एक बार फिर से इन मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस सरकार राफेल सौदे के बाद से लगातार इस मुद्दे को उठा रही है, लेकिन इसपर भाजपा सरकार चुप्पी साधे हुए है। फ्रांस सरकार द्वारा इस डील के जांच के आदेश के बाद कांग्रेस ने अब भारत में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच की मांग की है। 

इस मामले में कांग्रेस सरकार ने मोदी सरकार से कई सवाल पूछे है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट के माध्यम से पूछा था कि रफ़ाल सौदे की जेपीसी से जांच के लिए मोदी सरकार तैयार क्यों नहीं है? कांग्रेस ने यो प्रधानमंत्री मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने तक की चुनौती दी है।

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वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा का कहना है कि हमारे देश ने राफेल के लिए बड़ी कीमत चुकाई है। जब इस विमान से लाभ कमाने वाले देश ने जांच के आदेश दे दिए तो भारत में इसकी जांच क्यों नहीं हो सकती?

मालूम हो कि कांग्रेस लगातार विमान की कीमतों को।लेकर सरकार से जवाब मांग रही है लेकिन हर बार राष्ट्रीय सुरक्षा के गोपनीयता का हवाला देकर भाजपा सरकार कीमतें बताने से इनकार करती रही है। 

वहीं, भाजपा सरकार इस मामले को शुरू से बेतुका बताती रही है। वे सौदे में जांच की कार्रवाई से हमेशा दूर भागती रही है। बता दें कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन इसे जांच के दायरे में नहीं माना गया। हालांकि कांग्रेस शुरू से इस मुद्दे को उठाती रही है। कांग्रेस का मानना है कि देर सवेर भाजपा कभी न कभी इस मामले की जद में जरूर आएगी। 

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