भारत को मिली एक और वैक्सीन की ताकत, Sputnik V की 30 लाख डोज भारत पहुंची

देश को महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन की एक और ताकत मिल गई है। दरअसल स्पुतनिक-वी की 30 लाख डोज भारत पहुंच गई। 
 
Sputnik V

देश को महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन की एक और ताकत मिल गई है। दरअसल स्पुतनिक-वी की 30 लाख डोज भारत पहुंच गई।  इस दौरान जीएमआर हैदराबाद एयर कार्गो ने स्पुतनिक-वी कोविड -19 टीकों की बड़ी खेप संभाली। 56.6 टन वैक्सीन शिपमेंट भारत में लाए जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा इम्पोर्टेड शिपमेंट है।

बता दें कि स्पुतनिक-वी की 30 लाख डोज को भारत पहुंचाने में विशेष रूप से चार्टर्ड मालवाहक आरयू-9450 ने साथ दिया। वैक्सीन के साथ उड़ान करीब 3 बजकर 43 मिनट पर हैदराबाद पहुंची थी. GHAC ने इससे पहले भी वैक्सीन के कई आयात शिपमेंट को संभाला है, आज की 56.6 टन वैक्सीन का शिपमेंट भारत में अब तक का सबसे बड़ा आयात शिपमेंट है। यह शिपमेंट 90 मिनट से भी कम समय में भेज दिया गया था।

वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया कि हैदराबाद कस्टम ने 56.6 मीट्रिक टन स्पुतनिक टीकों के तीसरे और सबसे बड़े शिपमेंट को तेजी से मंजूरी दे दी है।

स्पुतनिक वी वैक्सीन के लिए विशेष हैंडलिंग और भंडारण की आवश्यकता होती है, जिसे -20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखने की आवश्यकता होती है. जीएचएसी ग्राहक की आपूर्ति श्रृंखला टीम (Supply chain team) के विशेषज्ञों, कस्टम विभाग के अधिकारियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

एक बयान के अनुसार, हैदराबाद और उसके आसपास की प्रमुख फार्मा कंपनियों को अगले कुछ सालों में कोविड टीकों की 3.5 बिलियन से अधिक खुराक का उत्पादन या आयात करने की उम्मीद है। जीएचएसी वैक्सीन शिपमेंट में वृद्धि को संभालने के लिए सभी मोर्चों पर कमर कस रही है।

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