तीसरी लहर की आशंका और बढ़ी, त्रिपुरा में आधे से अधिक सैंपल में मिला डेल्टा प्लस वेरिएंट

 
Tripura delta plus variant

कोरोना के तीसरी लहर की आशंका के बीच त्रिपुरा के कोविड सैंपल आंकड़ों ने चिंता और बढ़ा दी है। यहां जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 151 सैंपल्स में से 90 से ज्यादा सैंपल्स में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है। इस नए आंकड़ों के बाद से तीसरी लहर की आशंका और बढ़ गई है। 

राज्य के मेडिकल एक्सपर्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि त्रिपुरा ने पश्चिम बंगाल में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए 151 आरटी-पीसीआर सैंपल्स भेजे थे। इनमें से 90 से ज्यादा सैंपल में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। मेडिकल एक्सपर्ट का यही कहना है कि यह सोचने वाली बात है, अगर अभी भी ध्यान नहीं दिया गया तो शायद इसी वैरिएंट से तीसरी लहर की शुरुआत होगी।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले अब धीरे-धीरे से समस्त राज्यों में फैलते जा रहे है। हाल ही में स्वाथ्य मंत्रालय द्वारा बताया गया था कि भारत के कुल 174 जिलों में डेल्टा प्लस के वैरिएंट पाए गए है। इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गुजरात से आ रहे है। 

ज्ञात हो कि दूसरी लहर के बाद समस्त राज्यों ने लॉकडाउन में ढील दे दी है। लोगों को जबरदस्त भीड़ कोरोना को बढ़ाने का काम रही है। अगर यही आलम रहा तो रिसर्च रिपोर्ट की भविष्यवाणी सच साबित होगी। रिपोर्ट के अनुसार भारत में अगस्त महीने के दौरान COVID-19 की तीसरी लहर देखी जा सकती है। 

SARS-CoV-2 के 'चिंता के प्रकार' में अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और डेल्टा प्लस आते हैं। डेल्टा वैरिएंट में म्यूटेशन होने बाद नया डेल्टा प्लस वैरिएंट बना है। भारत मे दूसरी लहर का कारण डेल्टा वैरिएंट को ही माना जाता है। सबसे पहले डेल्टा प्लस का वैरिएंट महाराष्ट्र में मिला था। अब यह धीरे-धीरे 174 जिलों में पहुंच चुका है।

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डेल्टा प्लस ने अब यूपी में भी अपना रास्ता खोज लिया है। गोरखपुर और देवरिया से डेल्टा प्लस कोविड-19 प्रकार के दो मामलों का पता लगा है। एक रोगी की तो इससे मृत्यु भी हो गई है। गोरखपुर में रहने वाली 23 साल की एमबीबीएस छात्रा के अंदर डेल्टा प्लस वेरिएंट मिला है। छात्रा 26 मई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। वहीं, देवरिया जिले के रहने वाले बुजुर्ग की मौत हो गई है।  बुजुर्ग की उम्र 66 साल थी। 

अगर अभी भी भारत के लोग कोरोना वायरस के प्रति सचेत नहीं होते है तो संभवतः तीसरी लहर के चलते एक बार फिर से देश में उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। 

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