केंद्र का फरमान, खुफिया संगठन से रिटायर हुए कर्मचारियों को कुछ लिखने से पहले लेनी होगी इजाजत

केंद्र ने एक ऐसे नियम में संशोधन कर दिया है जिसके बाद से सुरक्षा और खुफिया संगठन से रिटायर हुए अधिकारी संगठन से संबंधित कुछ भी प्रकाशित नहीं कर सकते। 
 
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केंद्र ने एक ऐसे नियम में संशोधन कर दिया है जिसके बाद से सुरक्षा और खुफिया संगठन से रिटायर हुए अधिकारी संगठन से संबंधित कुछ भी प्रकाशित नहीं कर सकते। इस नए नियम के तहत रिटायर कर्मचारी को पहले संगठन के प्रमुख से मंजूरी लेनी होगी, इसके बाद ही वह कोई जानकारी प्रकाशित करने योग्य होगा। 

केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2020 को सोमवार को अधिसूचित किया गया. इस नए संशोधन के तहत यदि कोई भी पेंशनभोगी नियमों की अनदेखी करता है तो उसकी पेंशन काटी या रोकी जा सकती है। 


सुरक्षा और खुफिया संगठनों के सेवानिवृत्त कर्मचारी है जो अपने अनुभवों पर समाचार पत्र या पुस्तकों में लिखते है उनको प्रभावित करने के मकसद से ही नियमों में संशोधन किया गया है। 

संशोधित नियमों में ये संगठन हैं शामिल?

आरटीआई अधिनियम की दूसरी अनुसूची के तहत इसमें संगठन खुफिया ब्यूरो, अनुसंधान और विश्लेषण विंग, राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, विमानन अनुसंधान केंद्र, विशेष सीमा बल, सीमा सुरक्षा बल, रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, असम राइफल्स, सशस्त्र सीमा बल विशेष शाखा (सीआईडी), अंडमान और निकोबार, अपराध शाखा-सीआईडी-सीबी, दादरा और नगर हवेली, विशेष शाखा, लक्षद्वीप पुलिस, विशेष सुरक्षा समूह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, सीमा सड़क विकास बोर्ड और वित्तीय खुफिया इकाई शामिल हैं।

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