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क्या कढ़ाई और भगोने में खाना खाने से शादी में बारिश होती है? जानिए इसकी वैज्ञानिक सच्चाई

Janprahar Desk
14 Aug 2021 3:58 PM GMT
क्या कढ़ाई और भगोने में खाना खाने से शादी में बारिश होती है? जानिए इसकी वैज्ञानिक सच्चाई
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क्या कढ़ाई और भगोने में खाना खाने से शादी में बारिश होती है? जानिए इसकी वैज्ञानिक सच्चाई

आपने अक्सर बड़े बुजुर्गों को यह कहते हुए सुना होगा कि कढ़ाई या भगोने में खाना नहीं खाना चाहिए। कढ़ाई या भगोने में खाना खाने से शादी में बारिश होने लगती है। इस वजह से बच्चों को या घर के किसी भी अन्य सदस्य को कढ़ाई या भगोने में खाना नहीं दिया जाता है। हमारे देश में कई ऐसी पुरानी मान्यताएं सदियों से चली आ रही हैं, जिनके पीछे वैज्ञानिक तथ्य छिपे हुए है।

ऐसी ही मान्यता है कढ़ाई या भगोने में खाना खाने को लेकर है, भले ही इसे कुछ लोग अंधविश्वास करार दें लेकिन इसके पीछे भी वैज्ञानिक करण छुपा हुआ है, तो आइए जानते है कढ़ाई और भगोने में खाना न खाने का तथ्य..

पहले के जमाने में जब टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस नहीं थी तो उस वक्त लोहे की कढ़ाई में ही खाना बनाया जाता था। उस वक्त कढ़ाई को धुलने के लिए साबुन या लिक्विड सोप नहीं हुआ करते थे तो लोग पत्थर से रगड़कर या मिट्टी से कढ़ाई को धुलते थे। धुलने में नॉर्द भी कढ़ाई में हाईजीन को मेंटेन करना काफी मुश्किल हो जाता था।

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कई बार तो ऐसा भी होता है कि पत्थर से रगड़ने के बाद भी कढ़ाई में जंग के निशान रह जाते थे और यह खाना खाते वक्त शरीर मे जाकर नुकसान पहुंचा सकते है। इसलिए पहले के लोग कढ़ाई में खाना खाने के लिए मना करते थे। लेकिन कुछ लोग फिर भी नहीं मानते थे तो पुराने जमाने के लोगों के डराने वाली बातों को इस नियम से जोड़ दिया। यही वजह है कि कढ़ाही में खाने खाने को लेकर बारिश की बात प्रचलित हो गई।

एक दूसरा कारण यह भी है कि पहले के लोग चीजों का इस्तेमाल उसी काम के लिए करना पसंद करते थे, जिस उद्देश्य के लिए उसे बनाया गया है। ऐसे में कढ़ाई में भोजन करना अशिष्टता से जोड़कर देखा जाता था। कढ़ाई का इस्तेमाल लोग खाना बनाने के लिए करते है और भगोने का इस्तेमाल खाना परोसने या अन्य खाद्य वस्तु को बनाने के लिए किया जाता है। यहीं कारण है कि शादी में बारिश वाली बात को डराने के लिए जोड़ दिया गया और तब से यह प्रचलित हो गया।

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