Symptoms of Asthma in Hindi: दमा के लक्षण

What is Asthma in Hindi? क्या अस्थमा पुरी तरह ठीक हो सकता हैं?
 
Symptoms of Asthma in Hindi: दमा के लक्षण

एक ऐसी बीमारी जिसके कारण लोगों को अक्सर सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है, उनकी सांस फूलने लगती है इसे हम अस्थमा या हिंदी में दमे (Asthma in Hindi) के रूप में पहचानते हैं। अक्सर दमे के रोगियों को ज्यादा कसरत या कोई भी स्थिति में दमे का दौरा पड़ता है जिसके लिए उन्हें तुरंत अस्थमा इन्हेलर (Inhaler) की आवश्यकता होती है। हालांकि दमे की समस्या छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी में देखी जाती है। यह किसी एक ही उम्र तक सीमित नहीं है। What is Asthma in Hindi? सीधे-सीधे अक्षरों में अस्थमा हमारे फेफड़ों से जुड़ी एक बीमारी है जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। हालांकि इसके इलाज के कई उपाय हैं जिससे हमारे जीवन पर कोई प्रभाव ना पड़े। लेकिन लापरवाही करने पर यह हमारे लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें।

Symptoms of Asthma in Hindi: Asthma ke lakshan:

  • सांस फूलना
  • खांसी आना
  • सांस लेते वक्त सीसीटी जैसी आवाजें आना 
  • छाती में जकड़न महसूस होना 
  • तेज़ दिल की धड़कन 
  • जोर जोर से सांस लेना 
  • चक्कर आना 
  • होठों या उंगलियों का नीला पड़ जाना

ऐसी लक्षणों को देखने से उन्हें नजरअंदाज ना करें और तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाएं। अक्सर उन्हें नजर अंदाज करने से यह जानलेवा साबित हो सकता है। हालांकि अस्थमा के कारणों के बारे में सबको सब कुछ पता नहीं होता है। किसी भी इंसान को किसी भी वजह से अस्थमा की बीमारी हो सकती है। ऐसे में अगर आप इसके कारणों के बारे में जानना चाहते हैं आगे पढ़ें। 
  • अगर आपके घर में होने वाली चीजें मौजूद है जैसे कि पालतू जानवरों के बाल या ऐसी कोई ऐसा सामान जिससे आपको एलर्जी हो सकती है तो आपको Asthma का अटैक पड़ सकता है।
  • तेज गंध और बहुत ज्यादा धुए से भी लोगों को अक्सर अस्थमा का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा जोरदार कसरत या व्यायाम करने से भी सांस फूलने लगती है जिससे हमें asthma attack पड़ सकता है। जिन लोगों को ऐसी समस्याएं हैं उन्हें हल्का फुल्का कसरत करना चाहिए।
  • छाती में संक्रमण होने से भी asthma attack को बढ़ावा दे सकता है। अक्सर बहुत से लोगों को छाती में संक्रमण होता है जिसे वह समझ नहीं पाते हैं और इससे उन्हें किसी भी वक्त दौरा पड़ सकता है।
  • कई लोगों के लिए उनका वजन भी अस्थमा को निमंत्रण दे सकता है। ज्यादा वजन होने पर लोगों को चलने फिरने में तकलीफ होती है। ऐसे में अगर वह ज़रूरत से ज़्यादा शारीरिक श्रम (physical activity) कर लेते हैं तो यह इससे उनकी सांसें फूलने लगती है। ऐसी स्थिति में उन्हें अस्थमा का अटैक जल्दी पड़ता है। 

Treatment of Asthma in Hindi: Asthma ka ilaaj

अस्थमा के लिए अभी तक कोई भी पुष्टि किया गया इलाज सामने नहीं आया है। लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर दवाई और inhaler प्रदान करते हैं। इनके नियमित इस्तेमाल से लक्षण कम हो सकते हैं। दवा और inhaler के ठीक-ठाक सेवन से अक्सर लोगों की बीमारी सुधारने लगती है लेकिन बहुत ही कम ऐसी स्थिति आती है जब लोगों को ऑपरेशन या सर्जरी करने की आवश्यकता पड़ती है। 
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