स्वास्थ्य

धागे से बवासीर का इलाज कैसे होता है? | Kshar Sutra Treatment for piles in Hindi

Ankit Singh
23 Feb 2022 5:29 AM GMT
धागे से बवासीर का इलाज कैसे होता है? | Kshar Sutra Treatment for piles in Hindi
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Kshar Sutra Treatment for piles in Hindi: आयुर्वेद में धागे से बवासीर का इलाज (Dhage se Bawasir ka ilaj) संभव है, यह एक पैरा-सर्जिकल प्रक्रिया है। तो आइए इस जानते है क्षार सूत्र क्या है? (What is Kshar Sutra Treatment for Piles) और धागे से बवासीर का इलाज कैसे करें?

Piles Kshar Sutra Therapy in Hindi: बवासीर (Piles) मनुष्यों को प्रभावित करने वाली सबसे आम स्थितियों में से एक है, जिसका उल्लेख कई सदियों पहले किया जा चुका है। बवासीर से जुड़ी समस्याओं का पहला विवरण बाइबिल में मिलता है और जाहिरा तौर पर प्रोक्टोलॉजी का पेशा तब भी स्थापित किया गया था।

अगर आपको Bawasir है, तो आप अकेले नहीं हैं। वे एक आम समस्या हैं। वास्तव में, हेमोराहाइडल ऊतक (Hemorrhoidal tissue) शरीर का एक प्राकृतिक हिस्सा हैं। अधिकांश समय आप उन्हें नोटिस नहीं करते हैं क्योंकि वे मल त्याग के दौरान मदद करते हैं। लेकिन अगर ये ऊतक सूज जाते हैं या सूज जाते हैं, तो वे असहज लक्षण पैदा कर सकते हैं। अच्छी खबर यह है कि Bawasir Ka ilaj किया जा सकता है।

Bawasir के इलाज (Piles Treatment in Hindi) के कई तरीके है। इंटरनेट पर आपको बवासीर का इलाज और पाइल्स की दवा से संबंधित कई तरीके पता चल जाते है।

वहीं, Bawasir ka Gharelu Upchar से भी इलाज किया जा सकता है। इसके अलावा पाइल्स का होम्योपैथिक इलाज भी संभव है। लेकिन आज के इस लेख में हम एक ऐसी आयुर्वेदिक पद्दति के बारे में बताएंगे जिसमें दागे से बवासीर का इलाज (Dhage se Bawasir ka ilaj) किया जाता है। इस मेथड को क्षार सूत्र (Kshar Sutra) कहा जाता है।

तो आइए पहले समझते है कि क्षार सूत्र ट्रीटमेंट क्या है? (What is Kshar Sutra Treatment for Piles) और Dhage se Piles ka ilaj कैसे किया जाता है। लेकिन उससे पहले आपका यह जानना जरूरी है कि बावसीर के लक्षण क्या होते है? बवासीर के लक्षण का जिक्र हम अपने पिछले लेख में कर चुके है, Bawasir ke lakshan जानने के लिए आगे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। - जानिए क्या है बवासीर के लक्षण

क्षार सूत्र ट्रीटमेंट क्या है? | Kshar Sutra Treatment for piles in Hindi

Kshar Sutra Treatment आयुर्वेद की एक पैरा सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें धागे से बवासीर का इलाज किया जाता है। इस प्रक्रिया में कई जड़ी-बूटियों की मदद से एक धागा बनाया जाता है, इस धागे में बावसीर के मस्से को काटने की उतनी शक्ति होती है जितनी कि एक सर्जिकल उपकरण में होती है। आयुर्वेद के महान चिकित्सक शुश्रुत और चरक ने क्षार सूत्र (Kshar Sutra) का वर्णन किया है। आज इस विधि के जरिये पाइल्स का इलाज (Piles ka ilaj) भारत समेत कई अन्य देशों में हो रहा है।

धागे से बवासीर का इलाज कैसे होता है? | क्षार सूत्र तैयार करने की विधि

सबसे पहले धागे को तैयार किया जाता है जो कि सनी यानी Lenin का होता है। इसमें साइज 20 के सर्जिकल थ्रेड का उपयोग किया जाता है। थ्रेड के ऊपर तीन प्रकार के जड़ी बूटी (स्नुही लेटेक्स, अपमार्ग क्षार, हरिद्रा चूर्ण) लगाया जाता है।

Dhage se Piles ka ilaj के लिए सबसे पहले धागे के ऊपर स्नूही लेटेक्स का लेप लगाया जाता है। इसके बाद धागे को एक ऐसे कैबिनेट में रखा जाता है जहां पर अल्ट्रावोइलेट किरणे उसपर पड़ती है, इस प्रक्रिया के चलते धागे को कोई भी बैक्टीरिया प्रभावित नहीं कर पाते है।

इस तरह इस प्रक्रिया को कुल 11 बार दोहराया जाता है। इसके बाद 12वीं कोटिंग में स्नूही लेटेक्स और अपमार्ग की कोटिंग की जाती है। इसमें पहले धागे को स्नूही लेटेक्स से गिला किया जाता है उसके बाद अपमार्ग क्षार लगाया जाता है। यह सब बहुत ही सावधानी पूर्वक किया जाता है। अपमार्ग क्षार के सात यह प्रक्रिया 7 बार दोहराई जाती है।

फिर 19वीं प्रक्रिया में धागे को स्नूही लेटेक्स में भिगाने के बाद हरिद्रा चूर्ण लगाया जाता है। इसके साथ ही हल्दी के साथ इस प्रक्रिया को दो बार और दोहराया जाता है। इस तरह दागे पर कुल 21 बार जड़ी-बूटियों का लेप लगाया जाता है। कुल मिलाकर एक धागा तैयार होने में लगभग 1 महीना लग जाता है।

धागे से बवासीर का इलाज करने की विधि | How the Kshar Sutra treatment done?

Kshar Sutra Treatment for piles in Hindi: पाइल्स होने पर गुदा में मस्सों का निर्माण हो जाता है, क्षार सूत्र विधि में सबसे पहले धागे को मस्सों के नींव पर बांध दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान रोगी को दर्द और जलन न हो इसलिए मलाशय के अंदर यष्टिमधु तेल में डूबा पैक रख दिया जाता है। धागा मस्सों में होने वाले ब्लड फ्लो को रोक देता है, जिस वजह से मस्से सूखने लगते है और 7 से 10 दिनों के भीतर सूखकर अपने आप गिर जाते है। इसके बाद घाव भी 10 से 15 दिनों में सूख जाता है।

वैसे इस प्रक्रिया के लिए लोकल एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है। Dhaage se Bawasir ka ilaj की प्रक्रिया सुरक्षित है। एक बार सफल इलाज होने के बाद दोबारा पाइल्स होने की संभावना बहुत ही कम होती है।

क्षार सूत्र के फायदें | Advantage of Kshar Sutra Treatment in Piles

  • यह 3500 साल पुरानी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्दति है।
  • इसमें मामूली ओटी (ऑपेरशन थिएटर) प्रक्रिया होती है।
  • लगभग सभी मामलों में सर्जरी करने में अधिकतम 25-30 मिनट का समय लगता है।
  • आपके काम के समय का ज्यादा नुकसान नहीं होता, क्योंकि रोगी साधारण सावधानियों के साथ अपने दैनिक दिनचर्या के जीवन को फिर से शुरू कर सकता है।
  • सर्जरी के बाद के सरल निर्देशों का रोगियों को स्वयं पालन करना होता है। इसलिए, कोई परेशानी या दूसरों से मदद की आवश्यकता नहीं है।

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