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म्यूच्यूअल फंड NFO में निवेश का है प्लान? तो ठहरिए और जानें कि क्यों नहीं करना चाहिए NFO में इन्वेस्ट

Ankit Singh
12 Jun 2022 8:22 AM GMT
म्यूच्यूअल फंड NFO में निवेश का है प्लान? तो ठहरिए और जानें कि क्यों नहीं करना चाहिए NFO में इन्वेस्ट
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Mutual Fund NFO: NFO नेचर में अवसरवादी होते हैं, इसलिए कई इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंसियल प्लानर इन फंडों से दूर रहने का सुझाव देते हैं। तो, क्या NFO में निवेश करना वाकई जोखिम भरा है? चलिए पता करते हैं।

Mutual Fund NFO: जब बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो, तो म्यूचुअल फंड कंपनियों में नए NFO (New Fund Offer) लॉन्च करना एक आम बात है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक लोग निवेश करते हैं, तभी बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है, इस तरह से यह खुद ही म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए नए प्रोडक्ट्स के साथ आने का अवसर बन जाता है। ऐसे में कई निवेशक है जो NFO पर दांव लगते है। लेकिन जो नए निवेशक है उन्हें NFO के संबंध में अधिक जानकारी नहीं होती है। तो आइए पहले समझते है कि न्यू फंड ऑफर (NFO) क्या है? और एनएफओ में निवेश क्यों नहीं करना चाहिए।

NFO क्या है? | What is NFO in Hindi

लोग SIP शब्द से काफी परिचित हैं जो कंपनी द्वारा अपना शेयर खरीदने के लिए एक डायरेक्ट ऑफर है, जिसे बाद में शेयर मार्केट में कारोबार किया जा सकता है। इसी तरह म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा शुरू की गई नई स्कीम के लिए NFO पहली बार सब्सक्रिप्शन की पेशकश है। सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान एक निवेशक यूनिट को 10 रुपये प्रति यूनिट की निश्चित दर पर खरीद सकता है। अगर यह एक क्लोज एंडेड फंड है तो निवेशक केवल सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान यूनिट्स खरीद सकता है और उसे उक्त पीरियड के लिए यूनिट्स को होल्ड करना होगा, जबकि ओपन एंडेड फंड में सब्सक्रिप्शन पीरियड समाप्त होने के बाद भी यूनिट्स खरीद सकते हैं और इसे किसी भी समय भुना सकते है।

न्यू फंड ऑफर में निवेश क्यों नहीं करना चाहिए? | Why not invest in NFO?

NFO नेचर में अवसरवादी होते हैं, इसलिए कई इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और फाइनेंसियल प्लानर इन फंडों से दूर रहने का सुझाव देते हैं। तो, क्या NFO में निवेश करना वाकई जोखिम भरा है? चलो पता करते हैं -

1) कोई सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड नहीं

NFO को एक नए आईडिया या थीम/सेक्टर के साथ लॉन्च किया जाता है, इसलिए फंड के भविष्य का विश्लेषण करना बहुत मुश्किल होता है। मार्केट में पहले से चल रहे इसी तरह का फंड हमेशा मिल सकता है जिसकी विशेषज्ञों की रेटिंग हो और जहां उसके पिछले रिकॉर्ड के आधार पर गुणात्मक विश्लेषण किया जा सके, जो NFO के मामले में नहीं किया जा सकता है।

2) अन्य पीयर फंड्स से सस्ता नहीं है

कई निवेशक सोचते हैं कि NFO अन्य चल रही योजनाओं की तुलना में सस्ते मूल्य पर उपलब्ध हैं, जो पूरी तरह से गलत है। मान लीजिए कि एक निवेशक 1000 रुपये एक NFO में 10 रुपये के एनएवी पर निवेश करता है और उसी राशि को एक चालू योजना में निवेश करता है जिसका एनएवी 20 रुपये है। अब दोनों स्कीम में NAV की ग्रोथ उनके पोर्टफोलियो के प्रकार पर निर्भर करती है। यहां NAV के मूल्य के बजाय NAV की परसेंटेज ग्रोथ जरूरी है। इसलिए कम NAV वाले फंड में निवेश करने का कोई मतलब नहीं है।

3) अधिक प्रारंभिक खर्चों के साथ आता है

NFO के मामले में मार्केटिंग चार्ज और अन्य शुरुआती खर्च अधिक हैं। इन खर्चों को एक निश्चित प्रतिशत तक सीमित कर दिया जाता है और इस पीरियड के दौरान NAV से प्रबंधित किया जाता है और इसलिए कम रिटर्न के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसलिए नए फंड से बचना बेहतर है क्योंकि शुल्क अधिक हैं।

4) लिमिटेड डायवर्सिफिकेशन

आम तौर पर NFO सेक्टर आधारित होते हैं या मिड कैप, स्मॉल कैप जैसी कुछ कैटेगरी पर ध्यान केंद्रित करते हैं। लोगों को डायवर्सिफिकेशन के साथ निवेश करने की सलाह दी जाती है क्योंकि अगर एक सेक्टर रिटर्न का प्रदर्शन नहीं करता है तो दूसरे सेक्टर द्वारा मुआवजा दिया जाता है और सही बैलेंस बनाए रखा जाता है। इसलिए निवेश करने से पहले NFO के निवेश उद्देश्य को पढ़ना बेहतर है और उन लोगों से बचना चाहिए जिनके पास डायवर्सिफिकेशन की सीमित गुंजाइश है। आपका पोर्टफोलियो आपके लक्ष्यों के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए।

5) NFO बिल्कुल IPO की तरह नहीं हैं

कई लोगों का मानना ​​है कि NFO और IPO में कोई अंतर नहीं है जो सच नहीं है। एनएफओ में एनएवी 10 रुपये प्रति यूनिट पर तय है और डिमांड या कुछ अन्य कारकों के कारण प्रभावित नहीं होता है।

जबकि SIP में लिस्टिंग वैल्यू कंपनी के साथ मार्केट की डिमांड और अपेक्षा पर निर्भर करता है। इसलिए लिस्टिंग के दौरान कीमत गिर सकती है या बढ़ सकती है। तो याद रखें कि म्यूचुअल फंड में NAV की ग्रोथ केवल अंडरलाइंग सिक्योरिटीज की ग्रोथ पर निर्भर करती है।

कृपया याद रखें कि म्यूचुअल फंड कंपनियां अपने AUM को बढ़ाने और प्रोडक्ट के अपने बंडल को पूरा करने के लिए, विभिन्न प्रकार के निवेशकों को आकर्षित करने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार के NFO लॉन्च करती हैं। तो इसका मतलब यह नहीं है कि हर NFO आपकी प्रोफाइल के अनुकूल होगा। कभी-कभी एक साधारण इक्विटी या बैलेंस स्कीम आपके उद्देश्य की पूर्ति करेगी। इसलिए NFO से बचना बेहतर है और अगर आवश्यक हो तो आप हमेशा बाजार में पहले से उपलब्ध अन्य स्कीम के प्रदर्शन की जांच कर सकते हैं।

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