आर्थिक

'सुपर टॉप-अप' प्लान से अपनी Health Insurance पॉलिसी को करें अपग्रेड, जानिए क्या है इसके फायदें

Ankit Singh
7 Aug 2022 11:55 AM GMT
सुपर टॉप-अप प्लान से अपनी Health Insurance पॉलिसी को करें अपग्रेड, जानिए क्या है इसके फायदें
x
टॉप अप और सुपर टॉप अप उन दिनों के लिए कारगर माने जाते हैं जब तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती होना पड़े और उसका बिल बेस मेडिकल कवर से ज्यादा आ जाए। आइये यहां जानें कि इस प्लान के क्या फायदें है।

What is Top Up health Insurance: टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस आपके प्राइमरी हेल्थ इंश्योरेंस कवर के एडिशनल सप्लीमेंट को संदर्भित करता है। ये प्लान एक एक्स्ट्रा बफर के रूप में काम करते हैं और अगर क्लेम अमाउंट इंश्योरेंस अमाउंट से अधिक है तो ग्राहक की सुरक्षा करते है। इसलिए अगर आपको लगता है कि आपकी मौजूदा बीमा राशि/कवरेज राशि पर्याप्त नहीं है, तो एक टॉप-अप हेल्थ प्लान आपके बचाव में आ सकती है।

हेल्थ इंश्योरेंस टॉप-अप प्लान कैसे काम करता है?

अगर आपकी वर्तमान पॉलिसी की सम एश्योर्ड लिमिट 7.5 लाख है और आपको 5 लाख का टॉप-अप प्लान मिलता है। वहीं दुर्भाग्यपूर्ण घटना में आप बीमार पड़ जाते हैं और 10 लाख रुपये से अधिक का बिल प्राप्त होता है, तो टॉप-अप योजना आपकी सहायता के लिए आएगी। एक बार जब आपकी मौजूदा बीमा राशि समाप्त हो जाती है तो आप अपनी टॉप-अप योजना का उपयोग कर सकते हैं। अतिरिक्त 2.5 लाख रुपये आपके टॉप-अप प्लान से वहन किए जाएंगे। अगर आपको लगता है कि आपकी मौजूदा मेडिकल पॉलिसी अपर्याप्त है, तो आप टॉप-अप प्लान खरीद सकते हैं। यह अप्रत्याशित आपात स्थिति के मामले में अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगा।

विभिन्न प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस बीमा टॉप-अप प्लान क्या हैं?

टॉप-अप प्लान - एक टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी इनिशियल कवर समाप्त होने के बाद, एक विशिष्ट सीमा तक बीमित राशि की भरपाई करेगी। इस पॉलिसी के तहत, प्रत्येक क्लेम के लिए एक लिमिट लागू होती है। इसलिए, कई अस्पतालों को कवर नहीं किया जाएगा। साथ ही, हर क्लेम पर डिडक्टिबल्स का भुगतान करना होगा।

सुपर टॉप-अप प्लान - जहां एक टॉप-अप बीमा पॉलिसी प्रत्येक क्लेम के लिए एक लिमिट मानती है, वहीं एक सुपर टॉप-अप पॉलिसी पॉलिसी अवधि के दौरान कई अस्पताल में भर्ती होने पर विचार करती है। डिडक्टिबल्स का भुगतान पॉलिसी अवधि के दौरान केवल एक बार करना होगा। कटौतियों से अधिक होने पर पॉलिसी अवधि के दौरान संचयी बिल जमा किए जा सकते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस टॉप अप प्लान के फायदें क्या हैं?

बढ़ती चिकित्सा लागतों से सुरक्षा - भारत में स्वास्थ्य देखभाल की लागत मुद्रास्फीति की दर से दो गुना बढ़ जाती है। इसलिए, एक सुपर टॉप अप प्लान अब एक विलासिता नहीं है, बल्कि एक आवश्यकता है।

कम प्रीमियम के लिए अधिक इंश्योरेंस अमाउंट - एक हेल्थ इंश्योरेंस टॉप-अप प्लान आपको बहुत कम अतिरिक्त लागत पर अपनी कॉर्पोरेट योजना से अधिक कवरेज प्राप्त करने में मदद करेगी।

बेहतर कवरेज - अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों पर आमतौर पर कोई प्रतिबंध और सब-लिमिट नहीं होती है जैसे कि चिकित्सक द्वारा ली जाने वाली फीस, कमरे का किराया, डॉक्टर की फीस आदि। आपको स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का पूरा लाभ मिलता है।

फैमिली डिस्काउंट - हैल्थ इंश्योरेंस टॉप अप भी कुछ मामलों में फैमिली डिस्काउंट के साथ आते हैं।

एक बीमा राशि - टॉप-अप हैल्थ इंश्योरेंस प्लांस के तहत, परिवार के सभी सदस्यों को एक ही प्रीमियम का भुगतान करके एक ही बीमा राशि के तहत कवर किया जाता है।

2 साल तक की पॉलिसी अवधि

यदि आप कम उम्र में टॉप-अप प्लान लेते हैं, तो प्री-मेडिकल स्क्रीनिंग की आवश्यकता नहीं होगी।

आयकर अधिनियम की धारा 80/D के तहत भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम पर कर लाभ (50,000 रुपये तक)

टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में क्या शामिल है?

हेल्थ इंश्योरेंस की तरह, टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में कवरेज भी विभिन्न प्रदाताओं के लिए अलग-अलग होगा। हालांकि, आम तौर पर, एक टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस निम्नलिखित प्रदान करेगा:

इन-पेशेंट अस्पताल में भर्ती होने के लिए कवरेज - कमरे का किराया शुल्क, नर्सिंग शुल्क, डॉक्टरों की फीस, ऑपरेशन थिएटर शुल्क, कृत्रिम उपकरण या सर्जरी, रक्त, नैदानिक ​​प्रक्रियाओं के दौरान किसी भी अन्य उपकरण का प्रत्यारोपण, आदि।

भर्ती होने से 60 दिन पहले तक अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च

अस्पताल में भर्ती होने के बाद के 90 दिनों तक के खर्चे को कवर किया जाएगा

आपातकालीन एम्बुलेंस खर्च (एक सीमा तक)

कुछ बीमाकर्ता पॉलिसी रिन्यूअल के समय संचयी बोनस भी प्रदान करते हैं

ये भी पढ़ें -

Health Insurance: कैशलेस सुविधा का लाभ कैसे उठाएं? जानिए कैशलेस क्लेम के क्या फायदें है?

Term plan या Health Insurance? अगर आपके पास सीमित धन है तो कौन से रहेगा बेस्ट?

Health Insurance पॉलिसी के लिए साइन इन करने से पहले आपको क्या पता होना चाहिए?

गुम हो जाए इंश्योरेंस पेपर तो क्या करें? यहां जानें डुप्लीकेट Insurance Policy कैसे प्राप्त करें?

Next Story