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Personal Loan Charges: पर्सनल लोन लेने से पहले जान लें इसपर लगने वाले सभी प्रकार के शुल्क

Ankit Singh
5 Jan 2022 9:32 AM GMT
Personal Loan Charges: पर्सनल लोन लेने से पहले जान लें इसपर लगने वाले सभी प्रकार के शुल्क
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Types of charges in a personal loan: जब भी किसी जरूरत को पूरी करने की बात आती है तो व्यक्ती को सबसे पहले पर्सनल लोन (Personal Loan) का ही विकल्प दिखता है। लेकिन लोग पर्सनल लोन पर लगने वाले चार्जेस Personal Loan Charges in Hindi) पर ध्यान नहीं देते है। इसलिए हम यहां आपको Personal Loan पर लगने वाले सभी प्रकार के शुल्क (Types of Charges in Personal Loan in Hindi) के बारे में बता रहे है।

Personal Loan Fees and Charges: जब भी व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने की बात आती है, तो उधार लेने के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) का ही विकल्प नजर आता है। Personal Loan उधारकर्ताओं को एक निश्चित समय अवधि के लिए एक निश्चित ब्याज दर पर एक निश्चित राशि प्रदान करते हैं।

जरूरत के समय में Personal Loan उधार का एक आसान विकल्प बन चुका है। अगर व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर (Credit Score) अच्छा है तो Personal Loan बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। लेकिन यहां पर सोचने वाली बात ये है कि Personal Loan मिलना तो आसान है लेकिन उसे चुकाना आपकी सोच से भी कहीं ज्यादा है, क्योंकि बैंक और वित्तीय संस्थान पर्सनल लोन देने से पहले उन पर लगने वाले सभी तरह के शुल्क (Personal Loan Charges in Hindi) को उजागर नहीं करते है। इसलिए Personal Loan लेने से पहले आपको उनपर लगने वाले अतिरिक्त शुल्कों (Additional Charges in Personal Loan) पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

इस लेख के माध्यम से हम आपको पर्सनल लोन पर लगने वाले सभी तरह के अतिरिक्त शुल्कों के बारे में बता रहे है। तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

Types of charges in a personal loan in Hindi

यहां सभी पर्सनल लोन शुल्क (Personal Loan Charges in Hindi) और अतिरिक्त शुल्क (Additional Charges in Personal Laon) नीचे विस्तार से सूचीबद्ध किए गए हैं। सलाह दी जाती है कि पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आप इनमें से प्रत्येक खर्च पर कड़ी नजर रखें।

1. Personal Loan Processing Fee (पर्सनल लोन प्रोसेसिंग शुल्क)

पर्सनल लोन प्रोसेसिंग शुल्क वास्तव में बैंक द्वारा प्रशासनिक खर्चों के लिए वहन किया जाता है। इस प्रोसेसिंग शुल्क की राशि प्रत्येक बैंकों में अलग अलग हो सकती है। अमूमन यह 0.5% और 2.50% के बीच होता है। पर्सनल लोन लेने वक्त यह शुल्क बैंक ही देती है लेकिन बाद में बैंक द्वारा लोन लेने वाले व्यक्ति से यह वसूल लिया जाता है।

2. Verification Charges (सत्यापन शुल्क)

ज्यादातर Personal Loan असुरक्षित (Unsecured) होते हैं। बैंकों को कर्ज देने से पहले उधारकर्ता की चुकौती क्षमता को वेरिफाई करने की आवश्यकता होती है। ऐसा करने के लिए बैंक आमतौर पर थर्ड पार्टी एजेंसियों को नियुक्त करते हैं जो उधारकर्ता के क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट पुनर्भुगतान रीपेमेंट पैटर्न को वेरिफाई करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इस काम को करने के लिए ये एजेंसियां ​​बैंक से शुल्क लेती हैं जो अंततः कर्ज लेने वाले को वहन करना पड़ता है।

3. Goods and Services Tax (वस्तु एवं सेवा कर)

वस्तु एवं सेवा कर या GST एक छोटा सा शुल्क है जिसका भुगतान कर्ज लेने वाले व्यक्ति द्वारा लोन की मंजूरी की प्रक्रिया में या लोन के रीपेमेंट की अवधि के दौरान किया जाता है।

4. Late Payment Penalty (देर से भुगतान करने पर जुर्माना)

जब आप एक Personal Loan लेते हैं तो आप लोन की राशि को किश्तों (EMI) में चुकाने के लिए बाध्य हो जाते है। EMI के रूप में हर महीने आपको एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। इन किश्तों का भुगतान पहले से निर्धारित तिथि पर किया जाना चाहिए। अगर किसी वजह से कर्जदाता ऐसा करने में विफल हो जाता है तो उसे EMI के देर से भुगतान के लिए जुर्माना देना होगा। इसलिए लोन लेने से पहले EMI राशि की गणना करने और उसके अनुसार अपने वित्त की गणना करने की सख्त सलाह दी जाती है।

5. EMI Bounce Charges (ईएमआई बाउंस शुल्क)

अगर कर्जधारक हर महीने देने वाले EMI को देने से चूक जाता है तो पेनालिटी के रूप में EMI बाउंस चार्ज देना पड़ता है। यह चार्ज बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा कर्जधारक से लिया जाता है। EMI बाउंस शुल्क लगभग 1000 रुपए प्रति किश्त हो सकता है।

6. Personal Loan Preclosure Charges (पर्सनल लोन प्रीक्लोजर शुल्क)

ऐसे कई मामले होते है जिनमें उधारकर्ता अपने अपने वास्तविक तिथि से पहले EMI या पेंडिंग लोन अमाउंट का भुगतान करना चाहता है। अगर आप ऐसा करते है तो बैंक को नुकसान होता है, इस नुकसान को पूरा करने के लिए बैंक उधारकर्ता से प्रीक्लोजर शुल्क लेते है। आम तौर पर लोन प्रीक्लोज़र शुल्क 2% और 4% के बीच होता है, जो हर बैंक में अलग-अलग हो सकता है।

7. Duplicate statement fees (डुप्लीकेट स्टेटमेंट फीस)

अगर आपको अपने पेमेंट शिड्यूल या बकाया राशि का डुप्लीकेट स्टेटमेंट चाहिए तो इसके लिए भी आपको चार्ज देना होगा, इसे ही डुप्लीकेट स्टेटमेंट फीस कहते है। आमतौर डुप्लिकेट स्टेटमेंट के रूप में बैंक 200 से 500 रुपए के बीच में चार्ज लेती है। हर बैंक यह चार्ज अलग अलग हो सकता है।

8. Online Convenience Fees (ऑनलाइन सुविधा शुल्क)

टेक्नोलॉजी की वजह से ग्राहक अपने लोन से संबंधित सभी तरह की डिटेल ऑनलाइन देख सकते है। लेकिन इस ऑनलाइन सेवाओं को प्रदान करने के लिए भी बैंक आपसे चार्ज लेते है। ऑनलाइन सुविधा शुल्क के नाम पर बैंक उधारकर्ताओं से लगभग 2500 रुपए लेती है।

9. Part pre-payment charges (पार्ट प्री-पेमेंट शुल्क)

जब भी पर्सनल लोन लिया जाता है तो किस्तों की एक समय अवधि होती है। लेकिन टाइम पीरियड से पहले भी आप अपने लोन के एक हिस्से का भुगतान कर सकते है। लेकिन इसके लिए भी पार्ट प्री-पेमेंट शुल्क लिया जाता है। आपको पार्ट प्री-पेमेंट राशि पर 2% और टैक्स का शुल्क देना होगा। इसके अतिरिक्त यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आपको अपने भुगतान के एक हिस्से का पूर्व भुगतान करने की अनुमति केवल तभी दी जाती है जब राशि कम से कम एक EMI की राशि से अधिक हो।

10. Loan Cancellation Penalty (ऋण रद्द करने का दंड)

अगर बैंक द्वारा आपका पर्सनल लोन अप्रूव हो चुका और आप किसी कारण से उसे रद्द कराना चाहते है तो भी आपको लोन कैंसलेशन शुल्क देना पड़ सकता है। बैंक आपसे एक निश्चित कैंसलेशन चार्ज और 18% GST ले सकती है, इसके अलावा बैंक लोन जारी किए जाने के समय से उसके समाप्त होने तक संबंधित ब्याज भुगतान लगा सकता है।

11. Other Fees (अन्य शुल्क)

लीगल और स्टांप ड्यूटी कुछ अन्य प्रकार के शुल्क हैं जो आपको पर्सनल लोन प्राप्त करने के लिए चुकाने पड़ सकते हैं। यह शुल्क प्रत्येक ऋणदाता के लिए अलग-अलग हो सकता है।

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