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PF Benefits: पीएफ एकाउंट पर मिलते है ये बड़े फायदें, जानिए PF निकालने का सही समय क्या है?

Ankit Singh
30 Jan 2022 10:50 AM GMT
PF Benefits: पीएफ एकाउंट पर मिलते है ये बड़े फायदें, जानिए PF निकालने का सही समय क्या है?
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PF Benefits: नियोक्ता और कर्मचारियों को बेसिक सैलरी के 12 प्रतिशत के बराबर राशि PF फंड में जमा करनी होती है। केवल EPF एक्ट के तहत रजिस्टर्ड कंपनी के कर्मचारी ही PF फंड में निवेश कर सकते हैं।

अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि प्रोविडेंट फंड (PF) में हर महीने आपके वेतन से एक निश्चित राशि जमा होती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस फंड को मैनेज करता है। खैर पीएफ फंड में जमा करना आपके लिए एक बड़ी पूंजी है। टैक्स और निवेश विशेषज्ञ हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि पीएफ फंड में जमा राशि बहुत ही गंभीर स्थिति में ही निकाली जानी चाहिए।

जानकारों की दलील है कि PF एकाउंट और PF फंड में जमा रकम पर आपको कई तरह के एक्सक्लूसिव फायदे मिलते हैं, जो दूसरे फंड्स में कम ही देखने को मिलते हैं। तो चलिए एक नजर डालते है Provident Account ke Fayde पर।

आपको कई अन्य स्कीम की तुलना में EPF (Employee Provident Fund) खातों में अधिक ब्याज मिलता है। EPFO प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए PF राशि पर ब्याज दर की घोषणा करता है। चालू वित्त वर्ष में EPFO ​​ने 7.1 फीसदी की दर से ब्याज देने का फैसला किया है।

बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले वीत्तीय वर्ष में चरमरा गई, जिस वजह से इस वक्त 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर दी जा रही है।

PF स्कीम के तहत आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 (C) के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। साथ ही सरकार रोजगार और अन्य जरूरतों के लिए PF राशि में जमा राशि से आंशिक निकासी की अनुमति देती है। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के समय में भी पीएफ शेयरधारकों की आंशिक निकासी को विशेष अनुमति दी थी। यह योजना पेंशन योजना 1995 (EPS) के तहत आजीवन पेंशन प्रदान करती है।

अगर EPFO का कोई सदस्य नियमित रूप से फंड में योगदान दे रहा है तो परिवार का सदस्य उसकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में बीमा योजना, 1976 का लाभ उठा सकता है। यह राशि पिछले वेतन के 20 गुना के बराबर हो सकती है। यह राशि 6 ​​लाख तक हो सकती है। इसी अनुपात में पीएफ खाते में राशि जमा हो जाती है।

आपको पता होना चाहिए कि नियोक्ता और कर्मचारियों को कर्मचारी के मूल वेतन और भत्ते के 12 प्रतिशत के बराबर राशि पीएफ फंड में जमा करनी होती है। EPF एक्ट के तहत केवल रजिस्टर्ड कंपनी के कर्मचारी ही अपनी ओर से पीएफ फंड में निवेश कर सकते हैं।

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