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UPI Frauds: बढ़ रहे है यूपीआई से धोखाधड़ी के मामले, एकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए करें ऐसा

Ankit Singh
15 Jan 2022 9:02 AM GMT
UPI frauds
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UPI Frauds: यूपीआई धोखाधड़ी के मामले दिनों दिन बढ़ते जा रहे है, ऐसे में आपमे एकाउंट को सुरक्षित कैसे रखा जाए यह चुनैती जैसा है। आज हम आपको यही बताने जा रहे है कि UPI Frauds से खुद के एकाउंट को कैसे सुरक्षित रखें।

UPI Frauds: जिस तरह एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह हर कहानी के भी दो पहलू होते हैं। डिजिटल माध्यम ने हमारे जीवन को तो बहुत आसान बना दिया है। UPI आने के बाद से पैसों भेजने से संबंधित बाधाओं से छुटकारा मिला है। लेकिन UPI के बढ़ते उपयोग के साथ, UPI धोखाधड़ी की संभावना भी बढ़ गई है। हालांकि, कुछ सावधानियां आपको ऐसे धोखेबाजों के शिकार होने से बचा सकते हैं।

वैसे अभी भी घबराने की जरूरत नहीं है। आप सावधानीपूर्वक उपयोग और कुछ उपायों के साथ, अपने खाते को सुरक्षित कर सकते हैं और धोखेबाजों के शिकार से बच सकते है। लेकिन सबसे पहले समझते है कि आप UPI Fraud के शिकार कैसे बनते है।

UPI Fraud के शिकार कैसे हो सकते हैं?

आइए पहले समझते हैं कि धोखेबाज आपके UPI खातों का दुरुपयोग करने के लिए क्या कर सकते हैं और UPI धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए आपको क्या करना चाहिए-

फिशिंग घोटाले

आपको पेमेंट लिंक वाले SMS प्राप्त हुए होंगे, भले ही आपने अपने खाते में कोई पेमेंट शुरू नहीं किया हो। आपको ऐसे SMS से जागरूक होने की जरूरत है क्योंकि ये SMS धोखेबाजों द्वारा भेजे जाते है और यह अनधिकृत पेमेंट लिंक होते हैं। अगर आप अनजाने में उस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो यह आपको आपके फोन पर UPI एप्लिकेशन पर ले जाएगा और आपको ऑटो-डेबिट के लिए पेमेंट मेथड का चयन करने के लिए कहेगा। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपके UPI खाते से राशि तुरंत डेबिट कर दी जाएगी, आपको यह पता नहीं चलेगा कि आपने अभी-अभी क्या किया है।

फिशिंग घोटालों से अपना खाता कैसे सुरक्षित करें?

पेमेंट प्राप्त करने या पेमेंट करने के लिए किसी भी लिंक पर तब तक क्लिक न करें जब तक कि आपने अपने UPI ऐप के माध्यम से ऐसा कोई लेनदेन शुरू नहीं करते। यूजर को इस तरह के घोटालों का शिकार होने से बचाने के लिए, कई मोबाइल पेमेंट एप्लिकेशन जैसे कि पेटीएम या फोनेपे अपने यूजर को यह कहते हुए लगातार रिमाइंडर भेजते हैं कि एप्लिकेशन कभी भी यूजर को करने करने या प्राप्त करने के लिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने के लिए नहीं कहता, जब तक कि यूजर खुद से पेमेंट नहीं करता।

रिमोट स्क्रीन मिररिंग

घर से काम करने वाले लगभग सभी लोग रिमोट स्क्रीन मिररिंग टूल डाउनलोड करते हैं जिन्हें वाईफाई कनेक्टिविटी के माध्यम से यूजर के मोबाइल फोन या लैपटॉप से ​​​​जोड़ा जा सकता है। हालांकि ये सभी एप्लिकेशन सेफ नहीं हैं जिनसे यूजर अपने डिवाइस कनेक्ट करते हैं। कुछ अनवेरीफाइड एप्लिकेशन भी हैं, जो किसी डिवाइस पर डाउनलोड होने पर उसमें स्टोर डाटा में सेंध लगा देते है। ऐसे एप्लिकेशन आपके फोन से सभी जानकारी ले सकते है और डिवाइस को पूरी तरह कंट्रोल कर सकते है। तो यही सलाह दी जाती है कि ऐसे अनवेरीफाइड रिमोट स्क्रीन मिररिंग ऐप्स को डाउनलोड न करें।

ऐसे रिमोट स्क्रीन मिररिंग ऐप से कैसे बचें?

Google Play Store और Apple App Store अपने प्लेटफ़ॉर्म से डुप्लिकेट और झूठे ऐप को हटाने में अपना अधिकतम योगदान देते हैं, फिर भी आप एक या दो ऐसे एप्लिकेशन देख सकते हैं जो अनवेरीफाइड हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप अपने मोबाइल फोन पर केवल भरोसेमंद और वेरिफाई एप्लिकेशन डाउनलोड करें। साथ ही किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले आपको एप्लिकेशन के नाम, डेवलपर, पंजीकृत वेबसाइट और ईमेल पते को ठीक से वेरिफाई करना होगा।

भ्रामक UPI हैंडल

जालसाज कई नकली UPI हैंडल बनाते हैं जिनमें NPCI, BHIM, या ऐसे ही अन्य शब्द होते हैं, ताकि यूजर उन पर भरोसा कर सकें और उनका उपयोग कर सकें।

भ्रामक UPI हैंडल से खाते को कैसे सुरक्षित करें?

आप किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने एकाउंट की डिटेल या कांटेक्ट एड्रेस शेयर न करें। भले ही आप इसे किसी ब्रांड को पहचानने के लिए पोस्ट कर रहे हैं। इस तरह से धोखेबाज वे आपसे संपर्क कर सकते हैं और आपकी जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं। याद रखें हर सोशल मीडिया पेज/यूपीआई हैंडल, जिसमें सरकार से संबंधित शब्द है वे प्रामाणिक नहीं है।

OTP या UPI Pin से संबंधित घोटाले

ऐसा कई बार होता है कि आपको एक ऐसा लिंक मिलता है जिसपर पेमेंट प्राप्त करने के लिए कहा जाता है। ऐस लिंक को सच मानकर कभी भी उसपर आगे की कार्रवाई न करें। कई जालसाज यूजर्स को "रिक्वेस्ट मनी" लिंक भेजते हैं, जिस पर क्लिक करने पर आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। इसके अलावा धोखेबाज आपको बैंक के प्रतिनिधि बनकर कॉल पर अपना OTP या UPI Pin साझा करने के लिए मनाने की कोशिश कर सकते हैं। एक बार जब आप OTP या UPI Pin शेयर कर देते है तो धोखेबाज आपके खाते से पैसे चुरा सकते हैं।

OTP या UPI Pin घोटालों कैसे बचे?

आपको कभी भी अपना OTP या UPI Pin किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। जब आप किसी यूपीआई एप्लिकेशन के माध्यम से कोई लेनदेन करते हैं, तो बैंक आपकी पहचान साबित करने और लेनदेन को प्रमाणित करने के लिए आपको एक ओटीपी भेजते हैं। इसलिए आपको कभी भी ऐसी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बैंक पेमेंट रिक्वेस्ट के लिए आपकी पहचान का प्रमाण है।

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