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NRI Investment Option in India: NRI कैसे कर सकते है भारत में निवेश? जानिए इंवेस्टमनेट के 9 विकल्प

Ankit Singh
5 Jun 2022 9:30 AM GMT
NRI Investment Option in India: NRI कैसे कर सकते है भारत में निवेश? जानिए इंवेस्टमनेट के 9 विकल्प
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NRI Investment Option in India: यह कम ही लोगों को पता है कि NRIs के लिए निवेश के सीमित विकल्प नहीं हैं। भारतीय बाजारों में उपलब्ध कई निवेश के रास्ते तलाशे जा सकते हैं और उनमें निवेश किया जा सकता है, जिनमें 9 टॉप के विकल्प है, जो इस लेख में हम आपको बताएंगे।

Investment Option for NRIs in India: भारत दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक आकर्षक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन गया है। इंडियन लीडरशिप की बढ़ती लोकप्रियता, बेहतर विदेशी संबंध, स्ट्रांग लो इन्फ्लेशन, अर्थव्यवस्था में सुधार जैसे कई कारक है जो NRI को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते है।

फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के अनुसार एक भारतीय नागरिक को अनिवासी भारतीय (NRI) तब कहा जाता है, जब कोई पिछले वित्तीय वर्ष में या तो 183 दिनों या उससे कम समय के लिए भारत में रहा हो।

यह आमतौर पर देखा गया है कि NRIs भारत में परिवार के लिए मनी फ्लो करने, स्वदेश में एक फाइनेंसियल एसेट, वित्तीय स्थिरता बनाने और प्राप्त करने, रिटायरमेंट के लिए एक फंड बनाने और निवेश पर हाई रिटर्न उत्पन्न करने के लिए निवेश करते हैं। हालांकि, यह कम ही लोगों को पता है कि NRIs के लिए निवेश के सीमित विकल्प नहीं हैं। भारतीय बाजारों में उपलब्ध कई निवेश के रास्ते तलाशे जा सकते हैं और उनमें निवेश किया जा सकता है, जिनमें 9 टॉप के विकल्प है, जो इस लेख में हम आपको बताएंगे। तो भारत मे NRIs के लिए निवेश के विकल्प जानने के लिए अंत तक पढ़ें।

Best NRI Investment Option in India

1) इक्विटी (Equity)

इक्विटी में NRI निवेश विचार करने का एक और विकल्प है। RBI की पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम (PIS) NRI को भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने में सक्षम बनाती है। PIS के तहत, अनिवासी भारतीयों को भारतीय शेयर बाजार में भाग लेने के लिए वह टाइम अप्रूवल प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, एनआरआई किसी कंपनी की चुकता पूंजी के 10% से अधिक का निवेश नहीं कर सकते हैं और नॉन-डिलीवरी आधार पर शेयरों का व्यापार नहीं कर सकते हैं।

शेयरों में निवेश करने के लिए, अनिवासी भारतीयों को स्टॉक ब्रोकिंग फर्म के माध्यम से लेन-देन करने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए किसी को सेबी पंजीकृत ब्रोकरेज फर्म के साथ डीमैट एकाउंट खोलने की आवश्यकता होती है। शेयर रखने के लिए डीमैट खाते के अलावा, NRI को स्टॉक ब्रोकिंग फर्म के साथ एक ट्रेडिंग एकाउंट और बैंक के साथ एक एनआरई एकाउंट या NRO एकाउंट की भी आवश्यकता होती है।

2) डेरिवेटिव्स (Derivatives)

इक्विटी के साथ-साथ, एनआरआई एक्सचेंज के फ्यूचर और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में भी निवेश कर सकते हैं। F&O सेगमेंट में भाग लेने के लिए NRI को एक क्लियरिंग मेंबर से संपर्क करने की आवश्यकता होती है जो आवंटन के लिए ट्रेडों को मंजूरी दे सकता है। क्लियरिंग कॉरपोरेशन क्लियरिंग मेंबर से प्राप्त आवेदन के आधार पर सभी NRI निवेशकों को यूनिक कस्टोडियल पार्टिसिपेंट (CP) कोड आवंटित करता है। एनआरआई डेरिवेटिव्स का व्यापार कर सकते हैं।

3) ईटीएफ (ETF)

एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड उर्फ ​​​​ETF स्टॉक, बॉन्ड, ऑयल फ्यूचर्स, गोल्ड बार, फॉरेन करेंसी आदि जैसी अंडरलाइंग एसेट के मालिक हैं। हालांकि यह म्यूचुअल फंड के समान लग सकता है, लेकिन ETF अलग हैं और आमतौर पर स्टॉक एक्सचेंजों पर स्टॉक के रूप में कारोबार किया जाता है। इसकी खरीद और बिक्री और अंडरलाइंग एसेट के मूल्य के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव पर होती है। ईटीएफ में उच्च तरलता और कम शुल्क भी होता है, जिससे यह NRI के लिए एक आकर्षक निवेश विकल्प बन जाता है। अप्रवासी भारतीयों को प्रत्यावर्तनीय (Repatriable) और गैर-प्रत्यावर्तनीय (Non-Repatriable) आधार पर ईटीएफ में निवेश करने के लिए Non PINS एकाउंट की जरूरत होती है।

4) म्युचुअल फंड (Mutual Fund)

NRI के लिए म्यूचुअल फंड सबसे लचीले निवेश विकल्पों में से एक है। किसी की निवेश योजना के बावजूद, लक्ष्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक म्यूचुअल फंड है। NRI केवल भारतीय करेंसी का उपयोग करके म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं और म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए NRI या NRO एकाउंट की आवश्यकता होती है। कनाडाई और यूएस NRI को छोड़कर एनआरआई के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने की कोई सीमा नहीं है। कुछ सख्त FATCA नियम कनाडा और यूएस एनआरआई को केवल 8 AMCs के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए सीमित करते हैं जो हैं-

● एसबीआई म्यूचुअल फंड

● बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड

● आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड

● यूटीआई म्यूचुअल फंड

● एल एंड टी म्यूचुअल फंड

● पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड

● सुंदरम म्यूचुअल फंड

● डीएचएफएल प्रामेरिका म्यूचुअल फंड

5) बांड और सरकारी प्रतिभूतियां (Bonds and Government Securities)

जब सरकारों और अन्य कंपनियों को अपनी परियोजनाओं या विस्तार के लिए धन की आवश्यकता होती है, तो बांड जारी किए जाते हैं। बांड में निवेश निवेशकों को एक ऋणदाता बनाता है और कंपनी में ओनरशिप का एक टुकड़ा प्रदान करता है। निवेशक अपने निवेश पर निश्चित रिटर्न प्राप्त करने के भी हकदार हैं। NRIs एनआरई और एनआरओ खातों के माध्यम से बांड और सरकारी प्रतिभूतियों में स्वतंत्र रूप से निवेश कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्यावर्तन लाभ (Repatriation benefits) एनआरई खातों के लिए लागू होते हैं, जिन्होंने 3 साल पूरे कर लिए हैं, जबकि एनआरओ खाते में जमा की गई परिपक्वता के लाभों को प्रत्यावर्तित नहीं किया जा सकता है।

6) जमा प्रमाणपत्र (Certificate of Deposit)

सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट (CD) मनी मार्केट के इंस्ट्रुमेंट हैं जो या तो डीमैट फॉर्म में या बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा वचन पत्र में जारी किए जाते हैं। ये फिक्स्ड डिपाजिट के समान हैं लेकिन इनमें तरलता अधिक होती है और इन्हें आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट तौर पर डिस्काउंट रेट पर जारी किए जाते हैं और अन्य बैंक निवेशों की तुलना में प्रभावी रूप से अधिक रिटर्न देते हैं। एनआरआई Repatriable आधार पर एनआरई खातों के माध्यम से Certificate of Deposit में निवेश कर सकते हैं।

7) राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension Scheme)

नेशनल पेंशन स्कीम भारत सरकार की एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है और एक अच्छा निवेश विकल्प है। इस योजना के तहत, निवेशकों को यूनिक परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर अलॉट किया जाता है। यह निवेश राशि और नियमितता में लचीलेपन के साथ एक लागत प्रभावी और कर-कुशल योजना है। यह निश्चित आय विकल्पों, सरकारी प्रतिभूतियों या इक्विटी से संबंधित निवेशों में से चुनने का विकल्प भी प्रदान करता है। NPS निवेश पर अच्छा रिटर्न और रिटायरमेंट के लिए एक फंड के साथ एक नियमित आय प्रदान करता है। NRIs जिनके पास भारतीय नागरिकता है और जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच है, वे NRI/NRO खाते के माध्यम से NPS में निवेश कर सकते हैं।

8) बीमा (Insurance)

इंश्योरेंस भारतीयों के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा तरीका रहा है। NRI भारत में निवेश कर सकते हैं और बीमा खरीद सकते हैं। बदलते समय के साथ, कई बीमा विशेष रूप से अनिवासी भारतीयों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये बीमा मृत्यु, विकलांगता, बीमारी को कवर करते हैं और एकमुश्त लाभ भी प्रदान करते हैं। अनिवासी भारतीयों के लिए इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम भुगतान के विभिन्न तरीके उपलब्ध हैं। कोई भी बैंकिंग चैनलों के माध्यम से सीधे प्रेषण, डाक चैनलों के माध्यम से प्रेषण आदि का विकल्प चुन सकता है।

9) रियल एस्टेट (Real Estate)

रियल एस्टेट भारतीयों के लिए निवेश का सबसे पारंपरिक और सबसे पुराना पसंदीदा तरीका है। यह NRIs के बीच भी एक लोकप्रिय विकल्प है क्योंकि प्रॉपर्टी में NRI निवेश की अनुमति है, मातृभूमि में संपत्ति रखने के लिए भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत संपत्ति की बढ़ती कीमतों के साथ एक विकासशील देश है। अनिवासी भारतीय रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों संपत्तियों में निवेश कर सकते हैं और संपत्ति की राशि या आकार पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, अनिवासी भारतीयों को एग्रीकल्चर लैंड, फार्महाउस या प्लांटेशन खरीदने की अनुमति नहीं है।

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