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ELSS म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते समय निवेशक अक्सर करते है 5 गलतियां

Ankit Singh
17 Feb 2022 4:53 AM GMT
ELSS म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते समय निवेशक अक्सर करते है 5 गलतियां
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ELLS फंड आम तौर पर टैक्स बचाने के साधन होते हैं, हालांकि, वे आपके लांग टर्म फाइनेंसियल गोल को प्राप्त करने के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। यहां हम कुछ बातें बता रहे है, जो ELSS फंड में निवेश करते समय नहीं करना चाहिए।

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) भारत में सबसे लोकप्रिय टैक्स सेविंग निवेश विकल्पों में से एक है क्योंकि यह आयकर (IT) अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख तक का टैक्स बेनिफिट देते है। आप ELSS में एकमुश्त या एक सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के रूप में निवेश कर सकते हैं।

ELLS Fund आमतौर पर टैक्स बचाने के साधन होते हैं, हालांकि, वे आपके लॉन्ग टर्म गोल, जैसे कि रिटायरमेंट को प्राप्त करने के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। लंबे समय तक निवेशित रहने से आप चक्रवृद्धि (Compounding) एफ्फेक्ट का आनंद ले सकते हैं। यह तब होता है जब आपके लाभ को अतिरिक्त रिटर्न उत्पन्न करने के लिए फिर से निवेश किया जाता है जो आपके निवेश को बढ़ने में मदद करेगा।

अगर आप इन सामान्य गलतियों से बचते हैं तो आप ELSS Mutual Fund में निवेश का लाभ उठा सकते हैं।

1) 3 साल बाद Exit करना

ELSS अन्य टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में सबसे कम 3 साल की लॉक-इन पीरियड के साथ आता है। हालांकि लॉक-इन पीरियड ओवर होने के बाद बाहर निकलने की सलाह नहीं दी जाती है। आदर्श रूप से आपको कम से कम पांच साल के लिए निवेशित रहना चाहिए। अगर आपने जिस स्कीम में निवेश किया है, वह लगातार अच्छा रिटर्न दे रही है और बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन कर रही है, तो आपको लॉक-इन समाप्त होने पर भी रिडीम नहीं करना चाहिए। बल्कि आपको फिर से निवेश करने के लिए उसे निकलना नहीं चाहिए।

2) बहुत अधिक ELSS फंड में निवेश करना

अपने निवेश के प्रदर्शन को ट्रैक करना आवश्यक है और बहुत अधिक ELSS फंडों में निवेश करने से आपके पोर्टफोलियो की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है। ELSS डिफ़ॉल्ट रूप से विभिन्न इक्विटी में निवेश करता है और इसलिए डायवर्सिफिकेशन के लिए कई ELSS में निवेश करना आवश्यक नहीं है।

3) अंतिम समय में निवेश करना

ELLS इन्वेस्टमेंट को आम तौर पर टैक्स सेविंग ऑप्शन के रूप में माना जाता है, ज्यादातर लोग टैक्स को बचाने के लिए ग्यारहवें घंटे में निवेश करते हैं। अपने निवेश का सबसे ज्यादा लाभ उठाने के लिए जल्दी शुरुआत करनी चाहिए। अपने निवेश निर्णय में देरी करने से गलत फंड चुनने का परिणाम हो सकता है जो आपको शायद ही कोई लाभ देगा।

4) SIP रूट का चयन नहीं करना

SIP न केवल निवेशकों को रुपये की औसत लागत से लाभान्वित कर सकता है, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बचत के अनुशासन को विकसित करने में भी मदद कर सकता है। इसलिए आपको अंतिम समय में एकमुश्त निवेश करने के बजाय SIP के माध्यम से निवेश करने का प्रयास करना चाहिए।

5) अपनी जोखिम उठाने की क्षमता से आगे न जाएं

ELSS टैक्स बचाने का एक कारगर तरीका है। हालांकि, निवेशकों को अपने ELLS निवेश को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय योजना से अलग नहीं होने देना चाहिए। ELSS आपके पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए एक अच्छा माध्यम हो सकता है, लेकिन इक्विटी से जुड़ा निवेश होने के कारण इसमें कुछ जोखिम जुड़े होते हैं।

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