क्या धर्मेंद्र के वजह से टुटा था मीना कुमारी का बसा बसाया घर? उनके पति ने ऐसे लिया था बदला 

1950-60 में मीना कुमारी (Meena Kumari) 'ट्रेजेडी क्वीन' के नाम से जानी जाती थी। अपने 33 साल के लंबे करियर के अंत तक, उन्होंने करीब 92 फिल्में की...
 
क्या धर्मेंद्र के वजह से टुटा था मीना कुमारी का बसा बसाया घर? उनके पति ने ऐसे लिया था बदला

1950-60 में मीना कुमारी (Meena Kumari) 'ट्रेजेडी क्वीन' के नाम से जानी जाती थी। अपने 33 साल के लंबे करियर के अंत तक, उन्होंने करीब 92 फिल्में की, जिनमें पाकीजा (1972), बैजू बावरा (1952), दैहरा (1953) और साहिब बीबी गुलाम (1962) जैसे क्लासिक्स फिल्में शामिल थी।

उन्होंने चार साल की उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। उनकी पहली फिल्म 1939 में आई लेदरफेस थी। उसके बाद उन्होंने बतौर बाल कलाकार अधूरी कहानी(1939), पूजा(1940), एक ही भूल (1940) और भी अन्य फिल्मों में काम किया।

1938 में मीना कुमारी और कमल अमरोही (Kamal Amrohi ) की मुलाकात हुई। वह तभी सिर्फ पांच साल की थी। सालों बाद 'तमाशा' के सेट पर अशोक कुमार ने दुबारा मीना कुमारी को कमल अमरोही से मिलवाया। तभी उन्होंने मीना कुमारी को अनारकली का रोल ऑफर की। 

महाबलेश्वर से मुंबई लौटते वक़्त मीना कुमारी (Meena Kumari) का एक्सीडेंट हुआ और उन्हें पूना के अस्पताल में भर्ती किया गया। उस समय कमल अक्सर मीना से मिलने जाया करते थे और चिट्ठी भी लिखा करते थे। 14 फरवरी 1952 को मीना कुमारी (तब वह 18 वर्ष की थी) और कमल (34 साल का) ने चुपके से शादी कर ली।  

उन्होंने मीना कुमारी को फिल्म में काम करने से नहीं रोका लेकिन कुछ शर्तों के साथ। उनकी शर्त यह थी कि मेकअप होने के बाद उनके वैन में कोई भी नहीं आएगा और शाम 6.30 से पहले तुम घर आ जाओगी। मीना ने कमल के सारे शर्त काबुल किए लेकिन कुछ समय बाद वह टूटे भी।

दोनों के बीच दरार तब आई जब अभिनेता धर्मेंद्र (Dharmendra) के साथ उनकी दोस्ती बढ़ने लगी। कमल को धर्मेंद्र और मीना की दोस्ती बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। कहा जाता हैं कि जब धर्मेंद्र ने बॉलीवुड में कदम रखा तब मीना ने उन्हें करियर बनाने में मदद की। दोनों ने फिल्म 'चन्दन का पालना', पूर्णिमा', 'बाहरों की मंजिल', 'काजल' और 'फूल और पत्थर' में साथ काम किया। इन सभी फिल्मों में से सिर्फ 'फूल अउ पत्थर ही हिट हुई बाकी सब फिल्में फ्लॉप थी। 

लेकिन कमल को धर्मेंद्र और मीना की दोस्ती बिल्कुल भी पसंद नहीं थी और दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया। एक बार धर्मेंद्र और हेमा मालिनी को अपनी फिल्म में कास्ट किया। तभी दोनों पति और पत्नी थे। हेमा मालिनी को उन्होंने महारानी रज़िया सुल्तान और धर्मेंद्र को उनका गुलाम जमाल-उड़-दिन याक़ूत का किरदार दिया।

हेमा मालिनी के गुलाम होने के नाते धर्मेंद्र को अपने चेहरे और शरीर पर कला पेंट लगाकर धुप में रहना पड़ता था, गर्मी के वजह से उन्हें बहुत तकलीफ होती थी। सूत्रों से पता चला था कि कमल (Kamal Amrohi) ने धर्मेंद्र से बदला लेने के लिए उन्हें हेमा का गुलाम बनाया था।

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