MOUNT EVEREST: माउंट एवेरेस्ट के बारे में जानते हैं

 
MOUNT EVEREST: माउंट एवेरेस्ट के बारे में जानते हैं

किसके नाम पर माउंट एवरेस्ट का नाम पड़ा

एवेरेस्ट पर्वत का नाम इंग्लैंड के वैज्ञानिक जॉर्ज एवेरेस्ट के नाम पर रखा गया है। इसका कारण यह है कि जॉर्ज ने 13 साल तक भारत की सबसे ऊंची चोटियों का सर्वक्षण किया था।

समुद्र तल से माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई

समुद्र तल से दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवेरेस्ट की ऊंचाई 8,848 मीटर है और यह नेपाल, तिब्बत के बीच स्थित है।

Everest पर चढ़ने की फ़ीस

Everest पर चढ़ने के लिए पहले लोगों को लगभग 15 लाख रुपये फीस के रूप में देना अनिवार्य था लेकिन 2015 में नेपाली सरकार ने फीस लेना अनिवार्य तो रखा पर फीस को 7 लाख कर दिया।

MT. EVEREST

कितने रास्ते मौजूद हैं एवेरेस्ट की चोटी पर पहुचने के लिए

एवेरेस्ट की चोटी तक पहुँचने के लिए 18 अलग अलग रास्ते मौजूद हैं।

Mount everest के चोटी पर हवा और तापमान की स्थिति

एवरेस्ट की चोटी पर हवा की रफ्तार लगभग 321 किलोमीटर प्रतिघंटा के करीब है और यहाँ का तापमान -80 डिग्री फारेनहाइट तक गिर सकता है।

एवेरेस्ट की चढ़ाई से पहले क्या जानना जरूरी है

एवेरेस्ट की चोटी पर चढ़ने से पहले यह जान लेना चाहिए कि इसकी चढ़ाई करने में लगभग 2 महीने तक का समय लग सकता है और एक आदमी का खर्च इस दोरान लगभग 80 लाख रुपए तक जा सकता है। इसमें नेपाल की हवाई यात्रा भी शामिल है।

Mount everest पर चढ़ाई का सबसे अच्छा समय

एवेरेस्ट पर जाने का सबसे अच्छा समय मार्च और मई के बीच का महीना माना जाता है क्योंकि इस समय ज्यादा बारिश नहीं होती है और दूसरी बात बर्फ ताजा नहीं रहती है।

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