LET’S KNOW ABOUT KARNATAKA (कर्नाटक) IN HINDI

कर्नाटक का नाम उद्भव कुरुनाडू से हुआ है। जिसका अर्थ भव्य भूमि है और यह ईशा चौथी पूर्व ,कर्नाटक महान मौर्य साम्राज्य , का अंग है।

 
LET’S KNOW ABOUT KARNATAKA (कर्नाटक) IN HINDI

Karnataka (कर्नाटक)

  • 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम अधिनियम के तहत मैसूर रियासत में कानरा, बीजापुर ,धारवाड़ जिले , मूलबरगा में बेलगांव जिले का बड़ा भाग, पुरानी मद्रास प्रेसिडेंसी मैसेज साउथ कानरा जिला और कुंज का संपूर्ण भाग इसमें मिला लिया गया।
  • देश में तैयार कुल सिल्क में से 85% कर्नाटक में पैदा होता है , कर्नाटक में चंदन का साबुन एवं चंदन का तेल विश्व विख्यात है।
  • कर्नाटक का 60% भूमि कृषि योग्य है , जिसके 72 फ़ीसदी भाग में भरपूर वर्षा होती है जबकि शेष 28 फ़ीसदी में सिंचाई से खेती की जाती है , फसलों में कर्नाटक में राज्य के कुल उत्पादन का 47% होता है।
  • कर्नाटक राज्य का राजकीय पशु हाथी है।
  • कर्नाटक राज्य का राजकीय पेड़ चंदन का पेड़ है।
  • कर्नाटक राज्य का राजकीय फूल कमल है
  • कर्नाटक राज्य का राजकीय पक्षी इंडियन रोलर है।
  • राज्य के सबसे बड़े शहर बंगलुरु, उबली, मंगलौर , मैसूर और हसन है।
  • राज्य की प्रमुख फसलें चावल ,ज्वार ,रागी ,बाजरा, मक्का, गेहूं आदि है।
  • प्राकृतिक दृष्टि से इस राज्य को चार क्षेत्र में बांटा गया है ,पहला समुद्री तट क्षेत्र ,दूसरा मनमाड ,तीसरा उत्तरी मैदान , और चौथा दक्षिणी मैदान।
  • कर्नाटक का नाम उद्भव कुरुनाडू से हुआ है। जिसका अर्थ भव्य भूमि है और यह ईशा चौथी पूर्व ,कर्नाटक महान मौर्य साम्राज्य , का अंग है।

कर्नाटक के राष्ट्रीय पार्क

  • अंशी राष्ट्रीय उद्यान ढाई सौ वर्ग किमी में फैला हुआ है।
  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान वर्ग किलोमीटर में फैला प्रोजेक्ट टाइगर का हिस्सा है।
  • बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान 260 वर्ग किलोमीटर में फैला 10 पशु-पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग है।
  • कुदरेमुख राष्ट्रीय उद्यान 600 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ पार्क है।
  • नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान 575 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ राजीव गांधी राष्ट्रीय पार्क है।

कर्नाटक में वन्यजीव अभयारण्य

  • आदिचुंचगिरी वन्यजीव अभयारण्य मोर संरक्षण के लिए है और यहां ढाई सौ पक्षी प्रजाति है।
  • अरबिट्ठोटू वन्य जीव अभ्यारण तेंदुए ,लोमड़ी, जीवो सहित यहां चंदन के पेड़ पाए जाते हैं।
  • बिल गिरी रंगास्वामी वन्य जीव अभ्यारण 215 पक्षियों की प्रजातियों को यहां पाला जाता है।
  • भद्रा वन्यजीव अभयारण्य।
  • ब्रम्हगिरी वन्य जीव अभ्यारण 300 पक्षी प्रजातियों के लिए बनाया गया है यह 181 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

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