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Hindi Diwas Poem 2021: Hindi Diwas Par Kavita इन कवियों की रचनाओं से हुआ हिंदी का गौरवगान..

Nairitya Srivastva
13 Sep 2021 12:56 PM GMT
Hindi Diwas Poem 2021: Hindi Diwas Par Kavita इन कवियों की रचनाओं से हुआ हिंदी का गौरवगान..
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Hindi diwas Special: इस आर्टिकल में हम आपके लिए कुछ चुनिंदा कविताएं लेकर आए हैं, पढ़िए... Hindi Diwas Poem 2021: Hindi Diwas Par Kavita.

देश दुनिया में हर एक क्षेत्र में तमाम बदलावों से गुजरा हिंदी का साहित्य आज सामाजिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त हथियार बनकर उभरा है. हम सभी जानते हैं कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस ( hindi diwas ) मनाया जाता है. इस दिन देश भर के तमाम संस्थानों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. हमारे देश में कई ऐसे कवि रहे हैं जिन्होंने हिंदी के महासागर में गोते लगाते हुए इस भाषा का गौरवगान किया. वैसे, तो हमारे देश में कोई भी कार्यक्रम हो, बिना कविताओं या छंदों के उसकी शुरुआत और सफलता नहीं होती. ऐसे में हिंदी दिवस का दिन कविताओं ( hindi diwas Poem 2021 ) से क्यों अछूता रहे. हिंदी के कई साहित्यकारों ने अपनी भाषा के प्रति प्रेम के लिए लोगों को प्रेरित किया. इस संबंध में अनेक कविताएं ( poem on hindi diwas in hindi ) साहित्य के इतिहास के पन्नों पर दर्ज हैं. इस आर्टिकल में हम आपके लिए कुछ ऐसी ही चुनिंदा कविताएं ( hindi diwas par kavita ) लेकर आए हैं, जो हिंदी और निज भाषा के महत्व पर लिखी गई हैं... hindi diwas 10 lines in hindi

  • अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा लिखी गई दो प्रमुख कविताएं ( poem on hindi diwas in hindi )..

१. बनने चली विश्व भाषा जो,

अपने घर में दासी,

सिंहासन पर अंग्रेजी है,

लखकर दुनिया हांसी,

लखकर दुनिया हांसी,

हिन्दी दां बनते चपरासी,

अफसर सारे अंग्रेजी मय,

अवधी या मद्रासी,

zकह कैदी कविराय,

विश्व की चिंता छोड़ो,

पहले घर में,

अंग्रेजी के गढ़ को तोड़ो

( poem on hindi diwas in hindi )


२. गूंजी हिन्दी विश्व में

गूंजी हिन्दी विश्व में,

स्वप्न हुआ साकार;

राष्ट्र संघ के मंच से,

हिन्दी का जयकार;

हिन्दी का जयकार,

हिन्दी हिन्दी में बोला;

देख स्वभाषा-प्रेम,

विश्व अचरज से डोला;

कह कैदी कविराय,

मेम की माया टूटी;

भारत माता धन्य,

स्नेह की सरिता फूटी!

  • राम प्रसाद बिस्मिल जी द्वारा लिखित रचना... ( hindi diwas Poem 2021 )

लगा रहे प्रेम हिन्दी में, पढूँ हिन्दी लिखूँ हिन्दी

चलन हिन्दी चलूँ, हिन्दी पहरना, ओढना खाना।

भवन में रोशनी मेरे रहे हिन्दी चिरागों की

स्वदेशी ही रहे बाजा, बजाना, राग का गाना।

hindi diwas Poem 2021


राम प्रसाद बिस्मिल जी द्वारा लिखित उक्त पंक्तियां हिंदीभाषी लोगों का हिन्दी के प्रति प्रेम को भलीभांति प्रदर्शित करती हैं. हिन्दी हमारी, आपकी और हम सब की भाषा है। आज हिंदी भाषा हर विषय में, हर क्षेत्र में अपना ध्वज फहराते हुए आगे बढ़ती जा रही है। चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो या इंटरनेट की दुनिया, सब जगह हिंदी का बोलबाला है। और इस बात के लिए हम सब अपनी पीठ थपथपा सकते हैं क्योंकि किसी भाषा के आगे बढ़ने में उस भाषा को बोलने वाले, लिखने वाले, पढ़ने वाले लोगों का योगदान होता है.

  • गिरिजा कुमार माथुर जी की लिखी हुई कविता... ( hindi diwas par kavita )

एक डोर में सबको जो है बांधती

वह हिंदी है

हर भाषा को सगी बहन जो मानती

वह हिंदी है।

भरी-पूरी हों सभी बोलियां

यही कामना हिंदी है,

गहरी हो पहचान आपसी

यही साधना हिंदी है,

सौत विदेशी रहे न रानी

यही भावना हिंदी है,

तत्सम, तद्भव, देशी, विदेशी

सब रंगों को अपनाती

जैसे आप बोलना चाहें

वही मधुर, वह मन भाती

नए अर्थ के रूप धारती

हर प्रदेश की माटी पर,

'खाली-पीली बोम मारती'

मुंबई की चौपाटी पर,

चौरंगी से चली नवेली

प्रीती-पियासी हिंदी है,

बहुत बहुत तुम हमको लगती

'भालो-बाशी' हिंदी है।

उच्च वर्ग की प्रिय अंग्रेजी

हिंदी जन की बोली है,

वर्ग भेद को ख़त्म करेगी

हिंदी वह हमजोली है,

सागर में मिलती धाराएं

हिंदी सबकी संगम है,

शब्द, नाद, लिपि से भी आगे

एक भरोसा अनुपम है,

गंगा-कावेरी की धारा

साथ मिलाती हिंदी है.

पूरब-पश्चिम,कमल-पंखुड़ी

सेतु बनाती हिंदी है।

  • मैथिली शरण गुप्त जी द्वारा लिखित कविता... ( hindi diwas par kavita )

करो अपनी भाषा पर प्यार ।

जिसके बिना मूक रहते तुम, रुकते सब व्यवहार ।।

जिसमें पुत्र पिता कहता है, पतनी प्राणाधार,

और प्रकट करते हो जिसमें तुम निज निखिल विचार ।

बढ़ायो बस उसका विस्तार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

भाषा विना व्यर्थ ही जाता ईश्वरीय भी ज्ञान,

सब दानों से बहुत बड़ा है ईश्वर का यह दान ।

असंख्यक हैं इसके उपकार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

यही पूर्वजों का देती है तुमको ज्ञान-प्रसाद,

और तुमहारा भी भविष्य को देगी शुभ संवाद ।

बनाओ इसे गले का हार ।

करो अपनी भाषा पर प्यार ।।

आपको यह कविताई कैसी लगी हमे जरूर बताईये. आपके लिए hindi diwas speech in hindi

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