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Essay On Hindi Diwas in Hindi 2021: हिंदी दिवस पर निबंध | हिंदी भाषा का इतिहास और महत्व, निबंध लेखन...

Nairitya Srivastva
13 Sep 2021 1:57 PM GMT
Essay On Hindi Diwas in Hindi 2021 | Hindi Diwas Par Nibandh
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Essay On Hindi Diwas in Hindi 2021 | Hindi Diwas Par Nibandh

Essay On Hindi Diwas in Hindi 2021 | Hindi Diwas Par Nibandh | : जानिए हिंदी दिवस पर कैसे लिखें निबंध और हिंदी के महत्व और इतिहास के बारे में...

हिंदी दिवस पर कैसे लिखें निबंध ( essay on hindi diwas in hindi ) : हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी आजकल अंग्रेजी हावी होती जा रही है. आज हम हिंदी से ज्यादा अंग्रेजी बोलने में गर्व महसूस करते हैं. आज हम कहीं भी प्रोग्राम में स्टेज पर नमस्ते बोलने की जगह Respected Everyone बोलते हैं. हर साल हिंदी दिवस 14 सितंबर ( 14th september hindi diwas ) को मनाया जाता है. इस दिवस के मौके पर जानिए इन दिन से जुड़ी वो सभी जरूरी बातें जिसे हर हिंदुस्तानी के लिए जानना आवश्यक है. इस दिवस के मौके पर हम आपको निबंध ( Hindi diwas par nibandh )के रूप में हिंदी भाषा से जुड़ी सारी जानकारी देंगे. इससे बच्चों को भी निबंध ( hindi divas per nibandh )लिकने पर मदद मिलेगी.

हिंदी दिवस का इतिहास ( History of Hindi Language ) Hindi diwas kyu manaya jata hai ...

अंग्रेजी भाषा के बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को रोकने के लिए हर साल 14 सितंबर ( 14th september hindi diwas ) को देशभर में हिंदी दिवस मनाया जाता है. आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था और इसके बाद से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस ( 14th september hindi diwas ) के रूप में मनाया जाने लगा. दरअसल 14 सितंबर 1949 को हिन्दी के पुरोधा व्यौहार राजेन्द्र सिंहा का 50-वां जन्मदिन था, जिन्होंने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, महादेवी वर्मा, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंहा ने अथक प्रयास किए. इसके चलते उन्होंने दक्षिण भारत की कई यात्राएं भी कीं और लोगों को मनाया.

हिंदी दिवस का महत्व ( Importance of Hindi Language )...

आजादी के कुछ साल बाद, भारत की नई चुनी हुई सरकार इस विशाल देश में निवास करने वाले असंख्य भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक समूहों को एक साथ मिलाने का प्रयास कर रही थी. क्योंकि देश के पास स्वयं की कोई राष्ट्र भाषा नहीं थी, इसलिए प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया कि हिंदी वह भाषा बन सकती है. यह उस समय एक सरल और बेहतरीन समाधान साबित हुआ.

ऐसे मनाया जाता है यह दिवस...

कई स्कूल, कॉलेज और कार्यालय इस दिन महान उत्साह के साथ मनाते हैं. कई लोग हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के महत्व के बारे में बात करने के लिए आगे आते हैं. स्कूल हिंदी बहस, हिन्दी दिवस पर कविता और कहानी कहने वाली प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करते हैं. इसके साथ ही स्कूलों, कार्यालयों और फर्मों में हिंदी भाषा पर अध्यापक और प्रधानाचार्य भाषण देते हैं. इसके जरिए लोगों को हिंदी भाषा के महत्व और इतिहास के बारें में जानने का अवसर मिलता है.

हिंदी भाषा पर मंडराता संकट Is Hindi language dead? ....

वर्तमान समय में हम इस बात से इंकार नही कर सकते कि हिंदी के उपर दिन-प्रतिदिन संकट गहराता जा रहा है. विदेशी भाषा और वहां की संस्कृति हमारे देश को प्रभावित कर रहीं हैं. तथ्यों और किताबी तौर पर सभी ये जानते हैं कि हिंदी हमारी राज भाषा है. लेकिन इस बात से सभी वाकिफ हैं, हममें से अधिकतर लोग सामूहिक मंचो और कई ऐसी जगहों पर हिंदी बोलने से कतराते हैं. लोग चाहते कि उनके बच्चे अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में पढ़े और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलें. आज के समय में लोग हिंदी हमारे अपने ही देश में दोयम दर्जे की भाषा बनकर रह गई है. इस बात से जुड़ी आचार्य चाणक्य का एक कथन है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "कोई राष्ट्र तब तक पराजित नहीं होता, जब तक वह अपने संस्कृति और मूल्यों की रक्षा कर पाता है" उनका यह कथन वर्तमान भारत के परिदृश्य को बहुत ही अच्छे तरीके से परिभाषित करता है. जिसमें आज हम सभी में अग्रेंजी भाषा और अंग्रेजी तौर तरीके अपनाने की होड़ मची हुई है. जिसके लिए हम अपने मूल भाषा और रहन-सहन तक को छोड़ने के लिए तैयार हो गये हैं. hindi diwas poem

आज स्थिति ऐसी हो गयी है कि हमारे अपने ही देश में लोग हिंदी विद्यालयो में अपने बच्चों को दाखिला दिलाने में संकोच महसूस करते हैं. आज के समय में हमारे देश में अधिकतर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बेटा पहले अच्छे से अंग्रेजी लिखना और बोलना सिखे. हमारे इसी रवैये ने हमारे अपने ही देश में हिंदी को दोयम दर्जे की भाषा बनाकर रख दिया है. हलांकि अब लोग इस विषय को गंभीरता से ले रहे है और हिंदी का महत्व समझने लगे हैं, जोकि हमारे देश और समाज के लिए एक अच्छा संकेत है. इसके लिए और बेहतर प्रयास किए जा सकते हैं. hindi diwas speech in hindi

हिंदी के उन्नति के लिए किए जाने वाले प्रयास…

ऐसे कई तरीके हैं, जिनके जरिए हम लोगों को हिंदी का महत्व समझा सकते हैं. अपने देश को उन्नति के मार्ग पर और भी सरलता से ले जाया सकता हैं.

• हमें लोगों को यह समझाने का प्रयास करना होगा कि वे अपने बच्चों को अंग्रेजी अवश्य सिखायें पर एक दूसरी भाषा के रुप में, ना कि प्राथमिक भाषा के रुप में. यह सारी चीजें बचपन से ही करना आवश्यक है जिससे बाद में उन्हें सामूहिक मंचो से हिंदी बोलने में संकोच ना हो.

• इसके साथ ही लोगों को अपनी इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है कि अंग्रेजी ही आधुनिक समाज में सबकुछ है.

• सामान्यतः लोगों में यह गलत अवधारणा आ चुकी है कि अगर बच्चे हिंदी माध्यम से पढ़ेगे तो वह कमजोर हो जायेंगे और जीवन में सफल नही हो पायेंगे, ऐसे लोगों को यह समझना होगा कि ज्ञान, ग्रहण करने वाले की क्षमता और एकाग्रता पर निर्भर करता है, ना कि शिक्षा की भाषा पर, इसके विपरीत शोधों में यह देखा गया है कि मातृ भाषा में बच्चे किसी भी विषय को और अधिक तेजी से सीख पाते हैं.

• इसके साथ ही सरकार को भी इस में प्रयास करते हुए अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में यह सुनिश्चित करना चाहिए की अंग्रेजी के साथ ही वह हिंदी को भी बराबरी का स्थान दिलाएं.

उम्मीद है आपको हमारा हिंदी भाषा पर निबंध पसंद आया हो. आपके लिए hindi diwas 10 lines in hindi

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