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बेंगलुरु में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ बवाल: राज्य सरकारों ने सख्त एक्शन लेने का निर्णय लिया

Janprahar Desk
12 Aug 2020 8:12 PM GMT
बेंगलुरु में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ बवाल: राज्य सरकारों ने सख्त एक्शन लेने का निर्णय लिया
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भड़के हुए माहौल को काबू करने के लिए पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया ।साथ में फायरिंग का सहारा भी लिया गया।
इसी कारण से पूरे बेंगलुरु में धारा 144 लागू है

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु है। घटना पूर्वी बेंगलुरु की है ।पूर्वी बेंगलुरु में मंगलवार की रात एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बड़ी हिंसक घटना के दर्शन हुए। माहौल काफी बड़क गया। माहौल इतना बिगड़ गया कि इस भड़के हुए माहौल को काबू करने के लिए पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया ।साथ में फायरिंग का सहारा भी लिया गया।
इसी कारण से पूरे बेंगलुरु में धारा 144 लागू है ।इस भयानक घटना में पुलिस ने फायरिंग की और इस फायरिंग में 3 लोगों की मौत हो गई ।वहीं 60 पुलिसकर्मी घायल है ।बेंगलुरु के डीजे हल्ली और केजी हल्ली थाना क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह तक कर्फ्यू लगा दिया गया है।

एकमात्र पोस्ट साझा करने पर बड़ी संख्या में लोग विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के निवास स्थान के निकट जमा हुए और तोड़फोड़ की ।उसके बाद वहां खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि खुद को विधायक का रिश्तेदार बताने वाले आरोपी ने कथित रूप से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिससे एक समुदाय के लोग भड़क उठे। विधायक ने समुदाय के लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ''मैं लोगों से अपील करता हूं कि कुछ उपद्रवियों की गलतियों के चलते हमें हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिये। लड़ने-झगड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हम सभी भाई हैं। हम कानून के अनुसार दोषियों को सजा दिलाएंगे। हम भी आपके साथ हैं ।मैं अपने दोस्तों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।'' 

बेंगलुरु में हुई हिंसा के मामले में राज्य सरकार एक्शन लेने की तैयारी में है। इस हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अब उपद्रवियों से करेगी। बेंगलुरु में हुई हिंसा में बस और कार जला दी गई थीं.।


राज्य सरकार हिंसा करने वाले उपद्रवियों की पहचान करने और नुकसान का आंकलन करने में जुट गई है।

वहीं बेंगलुरु हिंसा पर कर्नाटक मंत्री सीटी रवि का कहना है कि हिंसा की पहले से योजना बनाई गई थी। संपत्ति के नुकसान के लिए पेट्रोल बम और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था. करीब 300 से ज्यादा वाहन जला दिए गए हैं.।हमारे पास संदिग्ध हैं लेकिन जांच के बाद ही पुष्टि हो सकती है। उपद्रवियों से उत्तर प्रदेश में जैसे संपत्ति की वसूली की गई थी, वैसे ही हम करेंगे।

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