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Nirbhaya Case: दोषियों के डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग, तिहाड़ जेल को नोटिस जारी।

Janprahar Desk
29 Feb 2020 6:27 PM GMT
Nirbhaya Case: दोषियों के डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग, तिहाड़ जेल को नोटिस जारी।
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दिल्ली (Delhi) के निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya Case) में चारों दोषियों की फांसी के लिए डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग पर पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया है. सोमवार को सुबह 10 बजे पटियाला हाउस कोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा. अक्षय के वकील एपी

दिल्ली (Delhi) के निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya Case) में चारों दोषियों की फांसी के लिए डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग पर पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया है. सोमवार को सुबह 10 बजे पटियाला हाउस कोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा. अक्षय के वकील एपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि अक्षय की कम्पलीट मर्सी पिटीशन (दया याचिका) फाइल की है. कोर्ट ने कहा कि आपको पहले ही पूरी पिटीशन फाइल करनी चाहिए थी. जज ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कम्पलीट पिटीशन है या इन कम्पलीट है, आपकी ये दूसरी मर्सी है.

तिहाड़ जेल के वकील ने मामले को लटकाने की कोशिश का आरोप लगाया. एपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि वे फिर से दोषी पवन की तरफ से वकील होंगे. उन्होंने पवन की क्यूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने की भी जानकारी दी. तिहाड़ जेल के वकील ने कहा कि एडवोकेट रवि काजी को यह सूचित नहीं किया गया कि उन्हें पवन की तरफ से बहस नहीं करना है.

दिल्ली के निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya Case) में दोषी अक्षय ने नई चाल चली है. अक्षय ने एक बार फिर राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है. राष्ट्रपति अक्षय की ओर से पहले भेजी गई दया याचिका खारिज कर चुके हैं. उसने फांसी पर लटकने से बचने के लिए एक बार फिर कोशिश की और शनिवार को राष्ट्रपति को नई दया याचिका भेज दी. अक्षय के वकील एपी सिंह का कहना है कि राष्ट्रपति ने जो दया याचिका खारिज की थी वह अधूरी थी. इसलिए दोबारा दया याचिका लगाई गई है.

इससे पहले दिल्ली के निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की. तीन मार्च को निर्भया के चारों दोषियों को फांसी होनी है. पवन ने तीन दिन बाद होने वाली फांसी पर रोक लगाने की मांग की है. बाकी तीन दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश की क्यूरेटिव याचिकाएं और राष्ट्रपति के समक्ष दायर की गई दया याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं. पवन ने अभी तक दया याचिका भी नहीं लगाई है.

दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर 2012 की रात में छह व्यक्तियों ने चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद बुरी तरह जख्मी हालत में उसे सड़क पर फेंक दिया था. निर्भया का बाद में 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में निधन हो गया था. इस सनसनीखेज अपराध के छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि छठा आरोपी किशोर था जिसे तीन साल सुधारगृह में रखने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था.

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