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साइबर ठगी: PM बेरोजगार भत्ते के लिंक व्हाट्सएप पर भेज कर ,खाते से निकाले जा रहे है पैसे

Janprahar Desk
8 Aug 2020 1:41 PM GMT
साइबर ठगी: PM बेरोजगार भत्ते के लिंक व्हाट्सएप पर भेज कर ,खाते से निकाले जा रहे है पैसे
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साइबर ठगी की लिस्ट में एक और मामला शामिल हो चुका है ।इस मामले में शातिर दिमाग लोग प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता के लिंक व्हाट्सएप पर शेयर करवाते हैं, और कहते हैं कि इस लिंक को शेयर करने के बाद 2100 से 3500 रुपए प्रतिमाह मिल सकते हैं ।साइबर ठग इसे प्रधानमंत्री की योजना का नाम दे रहे हैं। और डिटेल्स मांग रहे हैं ।

कोरोना काल में साइबर ठगी के मामले भी काफी देखे गए हैं ।आखिर जो लोग पहले चोरी करके अपनी आजीविका चलाया करते थे, उनको भी काफी नुकसान हुआ है ।तो अब उन ठगों ने भी ठगी का ऑनलाइन तरीका ढूंढ लिया है। साइबर ठगी की लिस्ट में एक और मामला शामिल हो चुका है ।इस मामले में शातिर दिमाग लोग प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता के लिंक व्हाट्सएप पर शेयर करवाते हैं, और कहते हैं कि इस लिंक को शेयर करने के बाद 2100 से 3500 रुपए प्रतिमाह मिल सकते हैं ।साइबर ठग इसे प्रधानमंत्री की योजना का नाम दे रहे हैं। और डिटेल्स मांग रहे हैं ।

डिटेल्स मिलने के बाद मोबाइल पर एक ओटीपी जनरेट होता है और वे ठगी लोग फोन करके यह ओटीपी पूछते हैं। यदि ओटीपी बता दिया जाता है तो बैंक से काफी सारे रुपए निकाले जा सकते हैं। इस व्हाट्सएप मैसेज में लिखा है, सभी भारतीयों को 15 अगस्त का तोहफा और नीचे प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना 2020 लिखकर पूरी डिटेल्स दे रखी है ।

यहां तक इस भत्ते के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष ,आवेदन शुल्क शून्य और एजुकेशन योग्यता 8वी पास बताई जा रही है ।इस पूरे मैसेज के अंत में एक लिंक भी दे रखा है ,उस लिंक पर क्लिक करते ही कुछ निजी जानकारी मांगते हैं
उस निजी जानकारी में बैंक के खाते की पूरी डिटेल्स पूछी जाती है ।सभी जानकारी देने पर मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाता है ।साइबर ठग फोन कर ओटीपी पूछते हैं और फिर खाते से पैसे उड़ा ले जाते हैं।

जब भी साइबर ठगी के इस मामले के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है ,तो लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि आखिर बेरोजगारी भत्ता हासिल करने की सही प्रक्रिया क्या है? तो हम आपको बताते हैं बेरोजगार भत्ता हासिल करने की सही प्रक्रिया ।

राज्य सरकार की तरफ से स्थानक तक पढ़े-लिखे बेरोजगारों के लिए भत्ता योजना चालू कर रखी है। इसमें आवेदक को दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है ।आवेदन के पश्चात दस्तावेजों की विभागीय वेरिफिकेशन होने पर ही भत्ते के लिए योग्य माना जाता है। विभाग की तरफ से लिंक भेज कर ,कभी भी आवेदन नहीं मांगा गया। इस आवेदन के बाद एप्लीकेशन में कोई भी बैंक डिटेल नहीं ली जाती है।

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