Twitter के ससपेंड होते ही Koo ने नाइजीरिया में की एंट्री, स्थानीय भाषाएं जोड़ने की जताई इच्छा

नाइजीरिया में ट्विटर के अनिश्चितकालीन बैन के बाद भारतीय नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Koo ने अपनी पैठ जमा ली है। Koo अपने प्लेटफार्म पर स्थानीय भाषाओं का विकल्प देने पर विचार कर रहा है। 
 
Koo

नाइजीरिया में ट्विटर के अनिश्चितकालीन बैन के बाद भारतीय नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Koo ने अपनी पैठ जमा ली है। Koo अपने प्लेटफार्म पर स्थानीय भाषाओं का विकल्प देने पर विचार कर रहा है। 

Koo कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने ट्वीट कर बताया कि "Koo अब नाइजीरिया में भी उपलब्ध है। हम अपने इस प्लेटफॉर्म पर यहां की स्थानीय भाषाओं का विकल्प देने की भी सोच रहे हैं।" 


ज्ञात ही कि ट्विटर ने नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी के ट्वीट को डिलीट कर दिया था। जिसके बाद से ट्विटर को नाइजीरिया में अनिश्चितकाल के लिए बैन लगा दिया गया। 

मालूम हो कि Koo ऐप को भारत में देसी ट्विटर कहा जाता है। इस ऐप ने आत्मानिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज’ भी जीत था। ये हिंदी, तेलुगु और बंगाली सहित अन्य कई भाषाओं में उपलब्ध है।

भारत में इस वक्त Koo के 30 लाख से भी ज्यादा डाउनलोड है। भारत सरकार और ट्विटर के बीच चल रहे विवाद के कारण भी इस ऐप की लोकप्रियता बड़ी है। Koo का उद्देश्य अगले 2 सलों में अपने यूजर्स की संख्या 10 करोड़ तक पहुंचना है। 

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